अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने मंगलवार को पीएम मोदी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारण व अन्य भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की। मैटिस ने भारतीय पक्ष से दोनों देशों के सामरिक संबंधों को और भी मजबूत करने के संबंध में बातचीत की। इसमें अमेरिका की तरफ से भारत को फाइटर्स जेट और सर्विलांस ड्रोन बेचने का मुद्दा भी शामिल रहा। अमेरिका भारत के साथ मजबूत सामरिक संबंधों के बूते एशिया खासकर दक्षिण एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को काउंटर करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका में ट्रंप के सत्तारूढ़ होने के बाद मैटिस ट्रंप कैबिनेट के पहले शख्स हैं जो भारत दौरे पर आए हैं।
चीन की पनडुब्बियां और समुद्री जहाज नियमित तौर पर हिंद महासागर का चक्कर लगाते रहते हैं। इस वजह से भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर के सर्विलांस के लिए मानवरहित ड्रोन की मांग की थी। इधर अमेरिका दक्षिण चीन महासागर में चीन की बढ़ती सामरिक ताकत को लेकर भी चिंतित है। अमेरिका ने भारतीय नौसेना के साथ इस इलाके में जॉइंट पेट्रोलिंग का प्रस्ताव दिया था जिसे भारत ने ठुकरा दिया था।
इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच लॉकहीड मार्टिन कंपनी की तरफ से भारत में F-16 फाइटर प्लेन बनाने की पेशकश पर भी बात भी की जाएगी। बता दें कि कंपनी ने यह पेशकश प्रधानमंत्री मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ कैंपेन के तहत भारत में घरेलू सैन्य औद्योगिक आधार बनाने के लिए दिया है।
महत्वपूर्ण क्षेत्र की सुरक्षा के संदर्भ में अमेरिका के महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार के तौर पर भारत भी अपनी भूमिका निभा पाएगा। इसके इतर भारत और अमेरिका के बीच लॉकहीड मार्टिन कंपनी की तरफ से भारत में F-16 फाइटर प्लेन बनाने की पेशकश पर भी बात होनी है। पीएम मोदी के मेक इन इंडिया कैंपेन के तहत कंपनी ने भारत ने इस फाइटर जेट के असेंबलिंग का ऑफर दिया है।


Download Android App
Download iOS App



