भारत और इजरायल के बीच रक्षा वार्ता में पश्चिम एशिया के बदलते सुरक्षा हालात पर चर्चा हुई। ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच भारत ने इजरायल से सीधी बातचीत की, जिसमें क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक प्रभावों पर विचार-विमर्श हुआ। इजरायली वायुसेना ने ईरान पर हवाई हमले किए, जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना है।
भारत-इजरायल रक्षा वार्ता: पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा
भारत ने इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति पर इजरायल से सीधी बातचीत की है। बुधवार को भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने इजरायल के रक्षा महानिदेशक मेजर जनरल आमिर बराम से टेलीफोन पर बातचीत की।
बदलते सुरक्षा परिदृश्य पर हुआ विचार-विमर्श
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस वार्ता में दोनों अधिकारियों ने पश्चिम एशिया के बदलते सुरक्षा हालात, चालू संघर्षों और उनके वैश्विक प्रभावों पर गहन चर्चा की। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव और हिंसा लगातार बढ़ रही है। इस बातचीत के दौरान दोनों अधिकारियों के बीच पश्चिम एशिया में वर्तमान हालात को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। माना जा रहा है कि वार्ता के दौरान क्षेत्र में बदलते सुरक्षा परिदृश्य, चल रहे संघर्षों और इनके वैश्विक प्रभावों पर विचार-विमर्श किया गया।
ईरान-इजरायल के बीच बढ़ता तनाव
मंगलवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कोर (IRGC) ने इजरायल के तेल अवीव में स्थित सैन्य खुफिया और मोसाद के ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में इजरायली वायुसेना ने पश्चिमी ईरान पर हवाई हमले शुरू किए।
ईरानी मीडिया का दावा: इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम को भेदा
ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उनके एयरोस्पेस बल ने एक प्रभावी अभियान चलाया और इजरायल के एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने में सफलता पाई।
इजरायल की कड़ी प्रतिक्रिया
इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराया और चेतावनी दी कि उनका अंजाम सद्दाम हुसैन जैसा हो सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है असर
चूंकि ईरान एक बड़ा कच्चा तेल उत्पादक देश है, इसलिए इस संघर्ष का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है।
एमके ग्लोबल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान प्रतिदिन लगभग 3.3 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन करता है, जिसमें से 1.5 मिलियन बैरल का निर्यात करता है।
ईरान की स्थिति होर्मुज स्ट्रेट के पास है, जहाँ से दुनिया का 20 मिलियन बैरल प्रतिदिन से अधिक कच्चा तेल गुजरता है।
भारत की स्थिति : पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं
भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आश्वस्त किया है कि देश में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त आपूर्ति है। उन्होंने कहा कि “चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है।
भारत के पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि वर्तमान में दुनिया में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और हमारे कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं की संख्या अब बढ़कर 40 हो गई है, जो कि पहले 27 थी। इसके अलावा हम खुद भी कच्चे तेल का उत्पादन कर रहे हैं। हमारा आउटपुट भी बढ़ रहा है और हमारे पास काफी स्टॉक है।


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