Amit shah : रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रदर्शन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखा पलटवार किया है। शाह ने कांग्रेस और सहयोगी पार्टियों पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष की ऐसी राजनीति उसे हमेशा के लिए सत्ता से बेदखल रखेगी।
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए शाह ने कहा कि पिछले 15 सालों से सोनिया गांधी का अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनते देखने का सपना अधूरा है और आगे भी यही स्थिति रहेगी। उन्होंने कहा कि 33 फीसदी महिला आरक्षण की राह में रोड़ा अटकाने वाले कभी देश का भला नहीं कर सकते।
1984 के दंगों पर घेरा
गृह मंत्री ने विपक्षी रैली की टाइमिंग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिवाली से ठीक पहले दिल्ली के छोटे व्यापारियों ने तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर और चिट्ठी लिखकर अपील की थी कि उनका पूरा कारोबार इसी एक हफ्ते पर निर्भर करता है। मिठाइयां और पटाखे न बिकने पर उनका भारी नुकसान होगा। लेकिन विपक्ष ने उनकी एक न सुनी और उसी तारीख को रैली की, जिस दिन 1984 के सिख विरोधी दंगों का काला अध्याय जुड़ा है।
शाह ने चेतावनी दी कि दिल्ली का व्यापारी वर्ग कांग्रेस को इस अनदेखी का जवाब चुनाव में देगा, जैसे पिछले तीन चुनावों से कांग्रेस का खाता नहीं खुलने दिया, वैसे ही अगले तीन चुनावों तक भी उसे एक सीट नहीं मिलेगी।
2029 तक देश को ड्रग्स मुक्त करने का संकल्प
नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाते हुए अमित शाह ने कहा कि देश से अनुच्छेद 370, ट्रिपल तलाक और नक्सलवाद का सफाया किया जा चुका है। अब केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब समेत पूरे देश को नशे की गिरफ्त से पूरी तरह आजाद कराने का लक्ष्य तय किया है।
गृह मंत्री ने कहा कि सड़कों पर हंगामा खड़ा करना ही विपक्ष की नीति बन चुकी है। अगर यही रवैया रहा तो विपक्ष को अगले पांच साल भी विपक्ष की सीटों पर ही बैठने की तैयारी कर लेनी चाहिए।
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