Amit Shah : केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को मेघालय की राजधानी शिलांग में उत्तरपूर्वी परिषद (एनईसी) की 73वीं पूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार में 12 से अधिक शांति समझौतों से पूर्वोत्तर में न केवल शांति स्थापित हुई बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर और रेल-सड़क-हवाई संपर्क ने दिलों की दूरी भी मिटाई है।
अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 साल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नॉर्थईस्ट पर फोकस के साथ विकास किया गया है। उस नींव पर विकसित नॉर्थ-ईस्ट का निर्माण हो रहा है और पिछले 12 साल में पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में गुणात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के अलावा शायद ही कोई ऐसा प्रधानमंत्री रहा होगा, जिसने नॉर्थ-ईस्ट पर इतने फोकस तरीके से काम किया हो।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 साल में 12 से अधिक शांति समझौते कर नॉर्थ-ईस्ट में विवादों का समाधान किया गया और 10 हजार 800 से अधिक युवाओं को हथियार डालने के बाद मेनस्ट्रीम में लाया गया। मोदी सरकार ने नॉर्थ-ईस्ट को इन्सर्जेंसी से मुक्त करा दिया है और यहां पर सुनियोजित रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है।
नशामुक्त पूर्वोत्तर अभियान को जन आंंदोलन बनाने का आह्वान
विकसित रेल, रोड़ और एयर कनेक्टिविटी से दिल्ली और नॉर्थ-ईस्ट के बीच की दूरी कम हुई है। इस दौरान शाह ने नशामुक्त पूर्वोत्तर अभियान को जन आंदोलन बनाने का भी आह्वान किया। अमित शाह ने कहा कि हम एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट और एक्ट फर्स्ट को जमीन पर उतारने में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट के सभी मुख्यमंत्रियों को अपने राज्यों के नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों से अवगत कराने और उनके संरक्षण पर फोकस करना चाहिए, क्योंकि नार्थ-ईस्ट में उग्रवाद लगभग खत्म हो चुका है।
गृह मंत्री ने कहा कि रूटीन पुलिसिंग के लिए नॉर्थ-ईस्ट को नए सिरे से शुरुआत करनी चाहिए। गरीब, महिला, बच्चे के अधिकारों की रक्षा हमारा काम होना चाहिए। हमें हर नागरिक को उसके अधिकार देने की दिशा में नवीन न्याय संहिताओं के तहत समय पर न्याय देने, क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में टेक्नोलॉजी का उपयोग, सजा कराने की दर में सुधार के लिए फॉरेंसिक साइंस का उपयोग, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और कोर्ट में ऑनलाइन गवाही देने तक की पूरी व्यवस्था को सुनिश्चित करना है।


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