गोवा के मुख्यमंत्री व पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने जानकारी दी है कि विशेष बलों के सैनिकों के लिए एसी जैकेट्स का ट्रायल जारी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हल्के लड़ाकू विमान तेज का सिर्फ एक कमजोर बिंदु है और वह है कि यह सिर्फ 3.5 टन का भार ही उठा सकता है।
बता दे कि गोवा के मुख्यमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पणजी में एक संस्थान के छात्रों को जानकारी देते हुए कहा कि अभी इस तरह की जैकेट का ट्रायल चल रहा है। जल्द ही स्पेशल फोर्स के हर जवान को इस जैकेट की सुविधा मिलेगी।
पर्रिकर ने कहा कि सैन्य बल काफी कठिन परिस्थिति में अपने ऑपरेशन चलाते हैं। इस दौरान उनके शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है जिससे जवानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि अभी जो जैकेट चल रही हैं, उनमें गर्मी के बाहर निकलने का कोई उचित मार्ग नहीं है।
वही पार्रिकर ने देसी फाइटर जेट तेजस पर भी बात की और उन्होंने कहा कि तेजस कई और बातों में दुनिया के बाकी फाइटर जेट्स से बहुत बेहतर है। पार्रिकर ने कहा कि रक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने खुद एलसीए प्रोजेक्ट पर नजर रखी थी। पार्रिकर की मानें तो एलसीए प्रोजेक्ट पांच-छह वर्ष पहले ही पूरा हो गया था लेकिन सरकार इसे शामिल ही नहीं कर रही थी। कुछ छोटे मुद्दे थे। बतौर रक्षा मंत्री उन्होंने 18 मीटिंग की और इस बात पर ध्यान रखा कि तेजस को इंडियन एयरफोर्स में शामिल किया जाए। अब तीन तेजस एयरफोर्स में हैं तो एक नया एयरक्राफ्ट हर एक दो माह में एयरफोर्स का हिस्सा बनेगा। उन्होंने कहा कि इसकी कमी सिर्फ इतनी है कि यह केवल 3.5 टन का बम ही ले जा सकता है।


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