जम्मू कश्मीर में सेना का अफसर शहीद, सांबा में रुक-रुककर हो रही फायरिंग

Summary :

Army Officer Killed: जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में एक सैन्य शिविर के अंदर गोलीबारी हो रही है। इस घटना में आर्मी के एक जूनियर कमीशंड अफसर की मौत हो गई। रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बुधवार को यह सूचना दी है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन घटना में किसी भी आतंकवादी एंगल से इनकार किया गया है और जानकारी का इंतजार है। जम्मू और कश्मीर में पहले भी तैनात सेना और सुरक्षा बलों की जान गलती से गोली चलने के कारण गई है। Army Jawan Killed: गलती से गोली चलने…

Army Officer Killed: जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में एक सैन्य शिविर के अंदर गोलीबारी हो रही है। इस घटना में आर्मी के एक जूनियर कमीशंड अफसर की मौत हो गई। रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बुधवार को यह सूचना दी है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन घटना में किसी भी आतंकवादी एंगल से इनकार किया गया है और जानकारी का इंतजार है। जम्मू और कश्मीर में पहले भी तैनात सेना और सुरक्षा बलों की जान गलती से गोली चलने के कारण गई है।

Army Jawan Killed: गलती से गोली चलने के कारण गई जान (Army Officer Killed)

काउंसलरों ने तैनात बलों में सतर्कता की कमी के मुख्य कारणों के रूप में मुश्किल हालात में लंबे समय तक ड्यूटी, परिवारों से दूरी और तैनात इलाकों में मनोरंजन की कमी को बताया है। परिवारों से मिलने के लिए समय-समय पर छुट्टी, बैरक और हेडक्वार्टर में मनोरंजन के साधन, बेहतर कमांड और कंट्रोल स्ट्रक्चर कुछ ऐसे उपाय हैं जो मुश्किल माहौल में ड्यूटी कर रहे तैनात बलों में लगातार सतर्कता बनाए रखने के लिए सुझाए गए हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सैनिक, जहां भारी बर्फबारी से हिमस्खलन और अन्य मौसम संबंधी आपदाएं आती हैं, इससे सैनिकों के रहने की स्थिति भी प्रभावित होती है।

Jammu Kashmir News: कभी-कभी हिमस्खलन और बर्फीले तूफानों का करना पड़ता है सामना

सेना के बंकर कभी-कभी इन हिमस्खलनों और बर्फीले तूफानों की चपेट में आ जाते हैं, जिससे अप्रत्याशित नुकसान होता है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले तैनात सैनिकों की बहादुरी और प्रतिबद्धता देश के लिए गर्व की बात है। देश के ये प्रहरी यह सुनिश्चित करने के लिए रातों की नींद हराम करते हैं कि उनके देशवासियों को शांति और सुरक्षा मिले। सियाचिन ग्लेशियर को दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र कहा जाता है। यह ग्लेशियर काराकोरम के बड़े ग्लेशियर वाले हिस्से में यूरेशियन प्लेट को भारतीय उपमहाद्वीप से अलग करने वाली बड़ी जल विभाजक रेखा के ठीक दक्षिण में स्थित है, जिसे कभी-कभी ‘तीसरा ध्रुव’ भी कहा जाता है।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।