नयी दिल्ली : राज्यसभा की कार्यवाही के संचालन को लेकर आज शून्यकाल के दौरान केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता अरुण जेटली तथा कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा के बीच तीखी नोक झोंक हुई। शून्यकाल के दौरान तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने भारतीय स्टेट बैंक समेत सभी सरकारी बैंकों और बचत योजनाओं में ब्याज दर घटाने का मामला उठाया और कहा कि नोटबंदी के बाद लोगों की आर्थिक हालत खराब हो रही है और सरकार के फैसले पेंशनधारकों तथा वरिष्ठ नागरिकों के हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आर्थिक गतिविधियां धीमी होने का भी उल्लेख किया।
उप सभापति पी जे कुरियन ने श्री ब्रायन को रोकते हुए कहा कि यह शून्यकाल है और इस पर विस्तृत चर्चा के लिए नोटिस देना चाहिए। कांग्रेस के आनंद शर्मा ने श्री ब्रायन का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार चर्चा ही नहीं करती। विपक्ष ने नोटबंदी, वस्तु एवं सेवा कर के क्रियान्वयन तथा आर्थिक गतिविधियां मंद पडऩे पर चर्चा का नोटिस दिया है लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा कराने से बचती है। इस पर श्री जेटली खड़े हो गए और कहा कि विपक्ष सदन में हंगामा करता है और कार्यवाही नहीं चलने देता। इससे चर्चा नहीं हो पाती है। श्री शर्मा ने इसका प्रतिवाद किया और कहा, “हम सदन चलने दे रहे हैं। आप लोगों ने तो महीनों तक सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी थी।”


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