Atal Bihari Vajpayee Quotes: आज यानी 25 दिसंबर 2025 को देशभर में पूर्व प्रधानमंत्री, भारतीय राजनीति के ‘शिखर पुरुष’ और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती (Atal Bihari Vajpayee Jayanti 2025) मनाई जा रही है। इस दिन को “सुशासन दिवस” यानी की Good Governance Day 2025 के नाम से भी जाना जाता है।
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में हुआ था। वह केवल महान राजनेता ही नहीं बल्कि एक अच्छे कवि और पत्रकार भी थे। इसके साथ ही अटल बिहारी वाजवेयी भारत के 10वें प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। साल 2015 में उन्हें भारत रत्न से भी नवाजा जा चुका है।
16 अगस्त साल 2018 में अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया था। लेकिन, उनका साहित्य आज भी जिंदा है। ऐसे में आज हम आपके लिए वाजपेयी जी के कुछ अनमोल विचार लेकर आएं हैं। ये विचार आपके मन को जोश से भर देंगे।
Atal Bihari Vajpayee Quotes: रगों में जोश भर देंगे वाजपेयी जी के ये अतुल्य विचार

“सेवा-कार्यों की उम्मीद सरकार से नहीं की जा सकती। उसके लिए समाज-सेवी संस्थाओं को ही आगे उगना पड़ेगा।”
“अमावस के अभेद्य अंधकार का अंतःकरण पूर्णिमा की उज्ज्वलता का स्मरण कर थर्रा उठता है।”
“छोटे मन से कोई बड़ा नहीं हो सकता, टूटे मने से कोई खड़ा नहीं हो सकता।”

“इंसान बनो। केवल नाम से नहीं, रूप से नहीं, शक्ल से नहीं। हृदय से, बुद्धि से, संस्कार से, ज्ञान से।”
“कोई हथियार नहीं बल्कि आपसी भाईचारा ही सभी समस्याओं का समाधान कर सकता है।”
“आतंकवाद एक नासूर बन गया है। यह मानवता का दुश्मन है।”

“अपना देश एक मन्दिर है, हम पुजारी हैं, राष्ट्रदेव की पूजा में हमने अपने आपको को समर्पित कर देना चाहिए।”
“संघर्ष से भागो मत, क्योंकि संघर्ष से ही जीवन की मिठास आती है।”
“देशभक्ति का मतलब सिर्फ प्रेम नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी भी है।”

“आप शांति को स्वतंत्रता से अलग नहीं कर सकते क्योंकि कोई भी व्यक्ति तब तक शांति में नहीं रह सकता जब तक उसे अपनी स्वतंत्रता न मिले।”
“ऊंची से ऊंची शिक्षा क्यों न हो, इसका आधार हमारी मातृभाषा होनी चाहिए।”
“मन हारकर मैदान नहीं जीते जाते, न मैदान जीतने से मन जीते जाते हैं।”


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