नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों के बयानों से उत्तर प्रदेश की सियासत के साथ-साथ संसद की राजनीति भी गरमा गई है। सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव के उस कथित बयान पर पार्टी के वरिष्ठ सांसदों ने प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो आजम खान को गृह मंत्री बनाया जा सकता है।
सपा सांसद जावेद अली खान ने आजम खान और शिवपाल सिंह यादव की मुलाकात को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और वरिष्ठ नेताओं का समय-समय पर एक-दूसरे से मिलना कोई नई बात नहीं है। आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव पार्टी के प्रमुख नीति-निर्धारकों में शामिल हैं। उनके मुताबिक, शिवपाल यादव और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जो फैसला सही समझेंगे, उसे लेने में सक्षम हैं।
जावेद अली खान ने इस मुद्दे पर शिवपाल यादव की भूमिका को लेकर भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव वरिष्ठ और सक्षम नेता हैं तथा पार्टी के अहम नीति-निर्माताओं में से एक हैं। ऐसे में वह किसी भी भूमिका में नजर आ सकते हैं। उनके बयान से साफ है कि पार्टी के भीतर आजम खान की संभावित भूमिका को लेकर अंतिम फैसला भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व के निर्णय पर निर्भर करेगा।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी आजम खान के राजनीतिक कद और पार्टी में उनके सम्मान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में आजम खान को हमेशा सम्मान दिया गया है। यह सम्मान मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार से लेकर अखिलेश यादव की सरकार तक बना रहा। अवधेश प्रसाद के मुताबिक, आजम खान को सरकारों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं और पार्टी ने हमेशा उनका सम्मान किया।
हालांकि, आजम खान को सरकार में मंत्री बनाए जाने के सवाल पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाए, यह मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का विषय है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दौरान आजम खान को काफी परेशान किया गया और उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। इसके विपरीत, सपा ने उनके सम्मान और अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाई है।
इसी बीच सपा सांसदों ने छात्रों के प्रदर्शन और उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। अवधेश प्रसाद ने कहा कि छात्रों पर फायरिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। देशभर से छात्र करीब एक महीने तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जुटे थे और वे निहत्थे थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान हजारों छात्र घायल हुए और कई लोगों के हाथ-पैर टूट गए।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने छात्रों और युवाओं के अधिकारों के लिए हमेशा सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष किया है। उन्होंने अपने और पार्टी नेतृत्व के प्रदर्शन में शामिल होने का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को भी गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा देश की संपत्ति हैं और उनके सम्मान व अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
वहीं, संसद की कार्यवाही को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सौगत रॉय ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सदन चलाने की जिम्मेदारी विपक्ष की नहीं बल्कि सरकार की है। सरकार का काम विपक्ष को मनाना और उसे चर्चा के लिए तैयार करना है।
सौगत रॉय ने गृह मंत्री अमित शाह के भाषण को लेकर कहा कि विपक्ष लंबा भाषण सुनना नहीं चाहता था बल्कि सरकार से कुछ महत्वपूर्ण सवालों के स्पष्ट जवाब चाहता था। उन्होंने विशेष रूप से पैलेट गन चलाने के आदेश को लेकर सवाल उठाया। सौगत रॉय ने कहा कि विपक्ष जानना चाहता था कि पैलेट गन से फायरिंग का आदेश किसने दिया लेकिन सरकार की ओर से इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास पर्याप्त ताकत होने के बावजूद सदन को सुचारू रूप से चलाने में वह सफल नहीं रही। साथ ही, उन्होंने कहा कि सत्र समाप्त होने से ठीक पहले चर्चा की जरूरत पर सरकार की सक्रियता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
–आईएएनएस
एसएके/पीएम
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