India Northern Sea Route Cooperation: NSR रूट पर रूस को मिला चीन और भारत का साथ, यूरोप और एशिया के बीच घटेगी दूरी, जानें रास्ते का महत्व

Summary :

नॉर्दर्न सी रूट के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बयान सामने आया है। जिसमें मुख्य रूप से हमारे मित्र देश चीन, भारत और कुछ राष्ट्र शामिल हैं जो एक्टि रूप से हमारे साथ इन मामलों पर चर्चा कर रहे हैं।

रूस के उत्तरी तट के किनारे अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने और इससे यूरोप-एशिया के बीच दूरी को कम करने के लिए नॉर्दर्न सी रूट के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बयान सामने आया है और उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष को लेकर मॉस्को पर पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बीच, भारत, रूस के साझेदार देशों में NSR रूट में सहयोग करने में दिलचस्पी बढ़ रही है। साथ ही बताया कि आर्कटिक शिपिंग मार्ग पर सहयोग में बढ़ती रुचि दिखाने वाले प्रमुख देशों में भारत भी शामिल है।

प्रमुख देशों में भारत शामिल

पुतिन ने कहा कि रूस ने लगातार उत्तरी समुद्री मार्ग के फायदों का उपयोग करने और सहयोग करने के लिए तैयार है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून की सीमाओं के अंदर रहते हुए इस सहयोग के साथ जुड़ने और दिलचस्पी दिखाने वाले साझेदारों में जिसमें मुख्य रूप से हमारे मित्र देश चीन, भारत और कुछ राष्ट्र शामिल हैं जो एक्टि रूप से हमारे साथ इन मामलों पर चर्चा कर रहे हैं। साथ ही उत्तरी समुद्री मार्ग पर सहयोग में बढ़ती रुचि दिखाने वाले प्रमुख देशों में भारत भी शामिल है।

क्या है नॉर्दर्न सी रूट?

India Russia Northern Sea Route
India Russia Northern Sea Route

जंग में समुद्री रास्ता अब सबसे अहम हो गया है और यह नॉर्दर्न सी रूट रूस के आर्कटिक तट के साथ जुड़ता है जिसमें यह  आर्कटिक महासागर के जरिए अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को एक साथ जोड़ता है। जिससे यूरोप और एशिया के बीच दूरी लगभग 10 से 15 दिनों तक कम हो सकती है। लेकिन अभी यहां बंदरगाह और कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है और मौसम भी खराब रहता है जिसके लिए रूस अपने साझेदार देशों को ढूंढ रहा है।

पुतिन की यूरोप को चेतावनी

पुतिन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यूरोपीय देश रूसी व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाते है तो रूस भी उसी तरह जवाब देगा साथ ही चेतावनी दी की रूसी जहाजों को जब्त करना समुद्री डकैती और लूटपाट के बराबर होगा। जिसमें मॉस्को द्वारा की जाने वाली कोई भी जवाबी कार्रवाई केवल उन समुद्री क्षेत्रों तक सीमित नहीं होगी जहां रूसी जहाजों को हिरासत में लिया जा सकता है।

Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।