बच्चों की वैज्ञानिक सोच को मिलेगी नई उड़ान, भारतीय वैज्ञानिक विरासत से जोड़ेगी सरकार

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लखनऊ, 07 अगस्त (आईएएनएस)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने और भारतीय वैज्ञानिक विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। इसी क्रम में ‘विद्यार्थी विज्ञान मंथन (वीवीएम)-2026-27’ प्रतियोगिता में प्रदेश के अधिकतम विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। विज्ञान भारती (विभा) द्वारा आयोजित यह देश की सबसे बड़ी डिजिटल विज्ञान प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं में से एक है। इसके माध्यम से कक्षा 6 से 11 तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक…

लखनऊ, 07 अगस्त (आईएएनएस)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने और भारतीय वैज्ञानिक विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। इसी क्रम में ‘विद्यार्थी विज्ञान मंथन (वीवीएम)-2026-27’ प्रतियोगिता में प्रदेश के अधिकतम विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। विज्ञान भारती (विभा) द्वारा आयोजित यह देश की सबसे बड़ी डिजिटल विज्ञान प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं में से एक है।

इसके माध्यम से कक्षा 6 से 11 तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन, अनुसंधान, नवाचार और शुद्ध विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ भारत की समृद्ध वैज्ञानिक परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक उपलब्धियों से उन्हें परिचित कराया जाएगा। अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तथा विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

निर्देशों के अनुसार प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 11 तक के विद्यार्थी 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए वीवीएम पोर्टल पर आवेदन की व्यवस्था की गई है। प्रति विद्यार्थी 200 रुपये का पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है। प्रतियोगिता से संबंधित दिशा-निर्देश, नियमावली, अध्ययन सामग्री और अन्य आवश्यक जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। सभी विद्यालयों को समयबद्ध ढंग से पात्र विद्यार्थियों का अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। विद्यार्थी विज्ञान मंथन का उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति स्थायी रुचि विकसित करना है।

इसके माध्यम से बच्चों को भारत की प्राचीन एवं आधुनिक वैज्ञानिक परंपरा, वैज्ञानिक उपलब्धियों, वैज्ञानिकों के योगदान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका से परिचित कराया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों में तार्किक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान की प्रवृत्ति और नवाचार की संस्कृति को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतर योगदान दे सकें। प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। प्रत्येक चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी अगले स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे।

इसका उद्देश्य देशभर की विज्ञान प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है। भारत के साथ-साथ छह मध्य-पूर्वी देशों में भी आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी वैज्ञानिक क्षमता प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती है। अपर मुख्य सचिव ने माध्यमिक विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पात्र विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को प्रतियोगिता की जानकारी दी जाएगी।

निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं की स्टाइपेंड राशि तथा माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का उपयोग पंजीकरण शुल्क के भुगतान के लिए किया जा सकता है, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी इच्छुक विद्यार्थी प्रतियोगिता से वंचित न रहे। विद्यार्थी विज्ञान मंथन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों में अनुभवात्मक अधिगम, वैज्ञानिक चेतना, नवाचार और अनुसंधान आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

प्रदेश सरकार का उद्देश्य बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, खोजपरक सोच और नवाचार की संस्कृति से जोड़ना है। इससे उत्तर प्रदेश के अधिकाधिक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भविष्य की नई पीढ़ी तैयार होगी।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना है। ‘विद्यार्थी विज्ञान मंथन’ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बच्चों को भारतीय वैज्ञानिक विरासत, विज्ञान और अनुसंधान की संस्कृति से जोड़ने का सशक्त अभियान है। हमारा प्रयास है कि उत्तर प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी इस मंच का लाभ उठाकर विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान बनाए और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।

–आईएएनएस

विकेटी/पीएम

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