नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि जब किसी राज्य में चुनाव हो रहा हो और उससे पहले अधिकारियों के तबादले किए गए।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने कहा कि इससे पहले भी चुनाव आयोग उन पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने वाले अधिकारियों के तबादले करता रहा है। यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है। निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग को फैसला लेने का पूर्ण अधिकार है।
फ़िल्म ‘धुरंधर 2’ में माफ़िया अतीक अहमद के आईएसआई से सीधे कनेक्शन को दिखाए जाने पर केसी त्यागी ने कहा कि यह खतरनाक ट्रेंड है और सरकार को इस पर कड़ा रुख अपनाना चाहिए।
एबीवीपी द्वारा जम्मू विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान पाठ्यक्रम से मुहम्मद अली जिन्ना का नाम हटाने की मांग किए जाने पर केसी त्यागी ने कहा कि यह एक सरकारी फैसला है और इस पर हम दखल नहीं देना चाहते हैं।
भारत की तटस्थ नीति पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के बयान पर केसी त्यागी ने कहा कि तटस्थ राजनीति का अर्थ है गुटनिरपेक्षता। ये सबसे पहले भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रतिपादित की गई थी और हम इस पर चल रहे हैं।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान पर केसी त्यागी ने कहा कि मैं भी उस कार्यक्रम में मौजूद था, जिसमें उन्होंने अपने विचार रखे हैं। संसद हंगामे के लिए नहीं है बल्कि संसद का इस्तेमाल चर्चा के लिए होना चाहिए। मैं उनके वक्तव्य का स्वागत करता हूं।
बताते चलें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अधिकारियों के तबादले को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि चुनाव हारने की वजह से भाजपा यह सब करवा रही है जबकि आयोग ने कहा है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए यह जरूरी है।
बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा जबकि 29 अप्रैल को दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा और 4 मई को चुनाव के परिणाम घोषित किए जाएंगे।
–आईएएनएस
डीकेएम/पीएम
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