नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक धोखाधड़ी के एक लंबे समय से लंबित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरार आरोपी एम. नागा कुमार उर्फ तमिल सेल्वन को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जांच शुरू होने के समय से ही फरार चल रहा था और अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला 29 सितंबर 2015 को इंडियन बैंक के चेन्नई नॉर्थ जोन से मिली शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शिकायत में के. राजेंद्रन, सारथी एंड बालू (चार्टर्ड अकाउंटेंट्स), कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। राजेंद्रन श्रीसाई बाबा रियल एस्टेट्स एंड कंस्ट्रक्शंस के प्रोप्राइटर हैं।
आरोप था कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए विभिन्न होम लोन हासिल कर बैंक के साथ करीब 4.66 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। एम. नागा कुमार भी इन लोन लेने वालों में शामिल था।
जांच के दौरान सीबीआई ने 14 मार्च 2017 को एम. नागा कुमार सहित कुल 33 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन नागा कुमार तब से फरार था। उसे पकड़ने के लिए एजेंसी ने अत्याधुनिक तकनीक और व्यापक फील्ड ऑपरेशन का सहारा लिया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अपनी पत्नी के साथ चेन्नई में नई पहचान के तहत रह रहा था। उसने अपना नाम बदलकर तमिल सेल्वन रख लिया था और अपने सभी आधिकारिक दस्तावेजों में भी इसी नाम का इस्तेमाल कर रहा था।
सीबीआई ने आरोपी की पहचान की पुष्टि करने के लिए गोपनीय अभियान चलाया और 16 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चेन्नई की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी अब मामले में आगे की जांच और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
–आईएएनएस
एएसएच/एबीएम
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