मुंबई, 8 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और विधानसभा को भंग करने के गवर्नर आरएन रवि के आदेश पर शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा कि भाजपा 9 मई को सरकार बनाने के लिए तैयार है।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा कि भाजपा को बंगाल में 294 में से 207 सीटें मिली हैं। ममता बनर्जी अपने ही गढ़ भवानीपुर से हार गईं, टीएमसी सरकार के कई मंत्री अपनी विधानसभा सीट से चुनाव हारे हैं।इसलिए मुझे लगता है कि ममता बनर्जी का सीएम पद छोड़ने से इनकार करना हताशा का एक कदम था। यह एक संवैधानिक स्थिति है, और इसे देखते हुए गवर्नर रवि ने सही कदम उठाए हैं ताकि भारतीय जनता पार्टी जल्द से जल्द सरकार बना सके।
वंदे मातरम को लेकर हो रहे विवाद पर शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ समानता, सम्मान और प्रतिष्ठा का प्रतीक है। 1950 के दौर की बात करें, जब इसे ‘जन गण मन’ के साथ गाया जाता था, तब इसके केवल दो ही आधिकारिक छंद इस्तेमाल किए जाते थे। हालांकि, 2026 में जब कैबिनेट ने ‘वंदे मातरम’ के किसी भी तरह के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने की मंजूरी दी, तो इसे राष्ट्रीय गान के ही बराबर दर्जा भी दे दिया गया और गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, अब सभी आधिकारिक कार्यक्रमों में इसके सभी छह छंदों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ओवैसी की पार्टी के नेता अगर इसका विरोध कर रहे हैं तो उन्हें भारत में रहने का अधिकार नहीं है।
सपा नेता फरहान आजमी के बयान पर शायना एनसी ने कहा कि फरहान आजमी से मैं यह कहना चाहती हूं कि यह बहस ‘भारत माता की जय’ बनाम ‘वंदे मातरम’ के बारे में कम है। यह इस बारे में ज्यादा है कि क्या राष्ट्रीय प्रतीक समावेशी हो सकते हैं और क्या उन्हें समाज के हर वर्ग के लिए समावेशी होना चाहिए। ‘वंदे मातरम’ संवैधानिक रूप से न केवल एक राष्ट्रीय गीत है बल्कि इसकी जड़ें उपनिवेशवाद-विरोधी संघर्ष से भी गहराई से जुड़ी हैं।
नासिक टीसीएस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि निदा खान जैसे लोगों को सबक सिखाया जाना चाहिए। एफआईआर में कहा गया है कि उसने महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह दी थी।
नासिक पुलिस का यह भी कहना है कि उसने बुर्के, धार्मिक साहित्य और इस्लामी ऐप्स दिए और लोगों को सिखाया कि हिजाब की आड़ में किसी खास तरीके से होने का दिखावा कैसे किया जाए। लेकिन अनुसूचित जाति के शिकायतकर्ता ने ‘भारतीय न्याय संहिता’ और यौन उत्पीड़न मानहानि मामले के तहत शिकायत दर्ज कराई है, क्योंकि धार्मिक धर्मांतरण के लिए एससी-एसटी एक्ट बहुत गंभीर है।
–आईएएनएस
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