नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि सरकार ने भविष्य की तैयारी और बढ़ाते हुए शांति एक्ट के माध्यम से न्यूक्लियर एनर्जी के उत्पादन को प्रोत्साहित किया है। कुछ दिन पहले स्मॉल हाइट्रो पावर डेवलपमेंट्स स्कीम को भी हरी झंडी दी गई है। जिससे अगले पांच वर्षों में 1500 मेगा वाट नई हाइट्रो पावर क्षमता जोड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जहां तक डिप्लोमेसी की बात है भारत की भूमिका स्पष्ट है। शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। मैंने खुद भी पश्चिम एशिया के सभी संबंधित नेताओं से बातचीत की है। मैंने सभी से तनाव को कम करने और इस संघर्ष के खत्म करने का आग्रह किया है।
पीएम ने कहा कि भारत ने नागरिकों, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े हुए इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है। कमर्शियल जहाजों पर हमला और होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है। भारत कूटनीति के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी भारतीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से ही मानवता के हित में और शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि मैं फिर कहूंगा कि बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान है। हमारे हर प्रयास तनाव को कम करने इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए है। इस संघर्ष में किसी के भी जीवन पर संकट मानवता के हित में नहीं है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का प्रयास सभी पक्ष को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है। जब ऐसे संकट आते हैं तो कुछ तत्व इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। इसलिए कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने वाली सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।
पीएम ने कहा कि कोस्ट सिक्योरिटी हो, बॉर्डर सिक्योरिटी हो, साइबर सिक्योरिटी और स्ट्रैटेजिक इंस्टॉलेशन हो, सबकी सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। हमें एकजुट रहना होगा।
–आईएएनएस
एसडी/एएस
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