पटना, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हाल ही में हुए चुनाव में निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले नवनिर्वाचित विधान पार्षद राहुल राज और बंशीधर बृजवासी शनिवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित विधानमंडल दल की बैठक में शामिल हुए। बैठक से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दोनों का स्वागत और सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने दोनों नवनिर्वाचित एमएलसी को भाजपा का पट्टा पहनाया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस मौके पर मौजूद रहे।
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी राहुल राज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने किसी प्रत्याशी को नहीं, बल्कि कम्युनिस्ट प्रत्याशी को हराया है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार ने महज 10-15 दिन पहले पार्टी छोड़कर जदयू की सदस्यता ली थी। ऐसे में कार्यकर्ताओं के लिए उसे स्वीकार करना मुश्किल था।
राहुल राज ने कहा कि अगर भाजपा-जदयू परिवार का कोई प्रत्याशी चुनाव मैदान में होता, तो वह उसका समर्थन करते। उन्होंने 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के फैसले का सम्मान करते हुए चुनाव नहीं लड़ा था। उन्होंने कहा कि वह पहले भी इसी परिवार में थे, आज भी हैं और भविष्य में भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई थी। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को न्यायसंगत बताते हुए एक-एक कर पूरा करने का आश्वासन दिया है।
राहुल राज ने कहा कि शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतनमान देने की बात पार्टी ने कही है। वह शिक्षा मंत्री से मिलकर शिक्षकों की लंबित मांगों को पूरा कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के साथ बैठक और बातचीत के बाद उन्होंने सांसद राजीव प्रताप रूडी के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया था।
उन्होंने कहा कि वह बिहार में ही हैं और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के समक्ष अपनी बात रखते रहेंगे। वहीं, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी बंशीधर बृजवासी ने कहा कि वह शिक्षकों के मुद्दों को लेकर चुनाव जीते हैं, न कि सियासत करने के लिए। उन्होंने कहा कि अकेले निर्दलीय रहकर सदन में आवाज उठाई जा सकती है, लेकिन शिक्षकों का हित पूरा करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करना जरूरी है।
बृजवासी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के हित में सरकार के साथ खड़ा होने के उद्देश्य से उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मुद्दों पर सरकार गंभीरता से पहल करने का आश्वासन दे चुकी है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के हित में आवाज उठाना उनकी प्रकृति है और वह आगे भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान ही उनके चुनाव जीतने का वास्तविक उद्देश्य है। सरकार ने जिन मुद्दों पर पहल करने का भरोसा दिया है, उन्हें पूरा कराने के लिए वह लगातार प्रयास करेंगे।
–आईएएनएस
एमएनपी/डीकेपी
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