BRICS India 2026 : नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भाग लिया और सदस्य देशों के बीच तकनीकी व आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने का आह्वान किया।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, जिनपिंग ने ओपन-सोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और व्यापार सुगमता सहित पांच प्रमुख पहलों का प्रस्ताव रखा। इनका मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच तकनीक, उद्योग, ट्रेड और मानव संसाधन विकास को अधिक मजबूत बनाना है।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संबोधन के 5 मुख्य पॉइंट्स:
एआई ओपन सोर्स समुदाय और प्रशिक्षण: चीन ब्रिक्स के तहत एआई ओपन सोर्स कम्युनिटी बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। इसके तहत बड़े भाषा मॉडल के इस्तेमाल, विशेष सेमिनार और ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए एक पारदर्शी इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा।
सेज और स्मार्ट पोर्टल: व्यापार व निवेश को आसान बनाने के लिए ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी का प्रस्ताव दिया गया। इसके तहत एक स्मार्ट ऑनलाइन पोर्टल बनेगा, जिससे नीतियों में तालमेल और नए अवसर मिल सकेंगे।
व्यापार सेवा मंच और डिजिटल इकोसिस्टम: आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए चीन अगले साल ब्रिक्स व्यापार सेवा मंच का आयोजन करेगा। साथ ही डिजिटल कौशल प्रशिक्षण और तकनीकी आदान-प्रदान के लिए डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफॉर्म स्थापित होगा।
स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक फैक्ट्रियां: विनिर्माण क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए चीन सदस्य देशों को स्मार्ट फैक्ट्री स्थापित करने और उनके मानक व नियम तय करने में सहयोग देगा।
इंजीनियर गठबंधन और युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम: तकनीकी प्रतिभा विकास के लिए ब्रिक्स इंजीनियर विकास गठबंधन बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ ही भविष्य के कुशल कार्यबल को तैयार करने के लिए युवा वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू किया जाएगा।
यह भी पढ़ें – बिहार में 45 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित, केंद्र और राज्य सरकार पर बरसे तेजस्वी यादव


Download Android App
Download iOS App



