राष्ट्रपति मुर्मु के अभिभाषण के साथ आज से शुरू होगा संसद का बजट सत्र, जानें क्या होंगे मुख्य एजेंडे

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Budget Session 2026: संसद का बजट सत्र बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश कर सकती हैं, जो रविवार को पड़ रहा है। यह एक दुर्लभ घटना है, जिसके लिए विशेष व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी। आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है, जो देश की अर्थव्यवस्था की व्यापक समीक्षा प्रदान करेगा। Union Budget 2026-27: सरकार की आधिकारिक घोषणा और सत्र की समयसीमा इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री…

Budget Session 2026: संसद का बजट सत्र बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश कर सकती हैं, जो रविवार को पड़ रहा है। यह एक दुर्लभ घटना है, जिसके लिए विशेष व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी। आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है, जो देश की अर्थव्यवस्था की व्यापक समीक्षा प्रदान करेगा।

Union Budget 2026-27: सरकार की आधिकारिक घोषणा और सत्र की समयसीमा

इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने X पर घोषणा की कि राष्ट्रपति ने बजट सत्र 2026 के लिए संसद के दोनों सदनों को बुलाने की मंजूरी दी है। सत्र 28 जनवरी 2026 को शुरू होकर 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा और संसद 9 मार्च को फिर से बैठेगी। यह दो-चरणीय प्रारूप सार्थक बहस और जन-केंद्रित शासन को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

Finance Minister Nirmala Sitharaman: बजट सत्र की प्रक्रिया और प्रमुख उद्देश्य

दो-चरण का प्रारूप संसद को बजट और अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर प्रारंभिक चर्चा की अनुमति देता है। इसके बाद अवकाश के दौरान स्थायी समितियों में विस्तृत जांच होती है, और फिर वित्तीय विधेयकों पर अंतिम विचार-विमर्श और पारित किया जाता है। इस प्रक्रिया से पारदर्शी और प्रभावी विधायी कार्यवाही सुनिश्चित होती है।

Budget Session 2026: संसद की भूमिका और आर्थिक चुनौतियां

यह सत्र महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है, जब सरकार आर्थिक विकास, राजकोषीय समेकन, बुनियादी ढांचे, रोजगार और स्थिरता जैसे क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद कराधान, सार्वजनिक व्यय और नीतिगत सुधारों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। पूरे सत्र में संसद की 30 बैठकें आयोजित की जाएंगी।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।