लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 26 अप्रैल को 13 राज्यों की 88 सीटों पर वोटिंग होनी है। इसे लेकर हाई-वोल्टेज प्रचार अभियान बुधवार शाम को थम गया। नियमों के मुताबिक मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले किसी भी प्रकार के चुनाव प्रचार संबंधी गतिविधियों व अभियानों पर प्रतिबंध लग जाता है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के अनुसार इन लोकसभा क्षेत्रों में मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय से 48 घंटों की अवधि 24 अप्रैल को सायं 6 बजे से आरंभ होकर मतदान समाप्ति अवधि 26 अप्रैल को सायं 6 बजे तक प्रभावी रहेगी।
इन 13 राज्यों के 88 सीटों में 26 अप्रैल को केरल की सभी 20 सीटों पर, कर्नाटक की 28 में से 14 सीटों पर, राजस्थान की 13 सीटों पर, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की 8-8 सीटों पर, मध्य प्रदेश पश्चिम बंगाल की 3-3 सीटों पर, जबकि मणिपुर, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर में 1-1 सीट पर मतदान होना है।
बता दें कि इससे पहले लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 19 अप्रैल को 21 राज्यों की 102 सीटों पर मतदान हुआ था। इस दौरान करीब 65.5 प्रतिशत मतदान हुआ था।
इन 48 घंटों तक ऐसी होगी स्थिति-
प्रथम चरण के चुनाव से सम्बंधित सिनेमा, चलचित्र, टेलीविजन या वैसे ही अन्य साधनों द्वारा जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का प्रदर्शन नहीं करेगा।
कोई संगीत समारोह या कोई नाट्य अभिनय या कोई अन्य मनोरंजन या आमोद-प्रमोद जनता के सदस्यों को उसके प्रति आकर्षित करने की दृष्टि से, आयोजित करके या उसके आयोजन की व्यवस्था करके, जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का प्रचार नहीं करेगा। कोई व्यक्ति यदि इन उपबंधों का उल्लंघन करता है, तो दो वर्ष तक कारावास या जुर्माना या दोनों सजा होगी।
निर्वाचन के संबंध में कोई सार्वजनिक सभा या जुलूस न बुलाएगा, न आयोजित करेगा, न उसमें उपस्थित होगा, न उसमें सम्मिलित होगा और न उसे संबोधित करेगा।
निर्वाचन मशीनरी और पुलिस प्रशासन सुनिश्चित करेंगे कि सामुदायिक केंद्रों, धर्मशालाओं, गेस्ट हाऊस, लॉज, होटलों आदि में ठहरे हुए बाहरी व्यक्तियों की जानकारी और सत्यापन किया जाए तथा बाहर से आने वाले वाहनों पर भी निगरानी रखी जाए।


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