Kerala: केरल में लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र भीषण गर्मी का मार पड़ रहा है जिसका साफ खामियाजा पार्टियों को उठाना पड़ रहा है।
Highlights:
- केरल में गर्मी से पार्टियों के प्रत्याशी हो रहे बेहाल।
- भीषण गर्मी पार्टियों के चुनाव प्रचार कार्यक्रम पर डाल रहा असर।
- ‘मैंगो शॉवर’ बन रही भीषण गर्मी की बड़ी वजह।
देशभर में लोकसभा चुनाव का माहौल है और सभी पार्टियों के प्रत्याशी व उनके कार्यकर्ता पूरी जोरशोर से प्रचार में लगे हैं। लेकिन बात करें केरल की तो वहां पर गर्मी इतनी बड़ी मुसीबत बन चुकी है की प्रत्याशियों को अपना पूरा प्रचार कार्यक्रम बदलना पड़ रहा है।
बता दें कि केरल में लोकसभा की 20 सीटें हैं। इसके लिए सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ और भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए मुकाबले में हैं। लेकिन गर्मी इतनी है कि तीनों मोर्चों के लिए समान रूप से कहर ढा रहा है।
केरल में 26 अप्रैल को मतदान होना है। लेकिन गर्मी इतनी है की सभी पार्टियों की तैयारी नाकाफी साबित हो रही है।
यहाँ सभी उम्मीदवार और उनकी टीमें सुबह 8 बजे से ही प्रचार अभियान में जुट जा रही हैं। ये टीमें दोपहर से लेकर शाम तक ब्रेक लेते हैं।
इसके बाद रात को सभी टीमें फिर से चुनाव प्रचार में जुट जाती है।
‘मैंगो शॉवर’ बन रही वजह
दरअसल,लगातार तापमान बढ़ने और प्री-मॉनसून बारिश, जिसे ‘मैंगो शॉवर’ भी कहा जाता है, इसके बेअसर होने के कारण लोकसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को अपने प्रचार कार्यक्रमों में बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
आम तौर पर मार्च में शुरू होने वाला ‘मैंगो शॉवर’ अभी तक यहां नहीं आया है।
गर्मी को फल-जूस से दे रहे मात
त्रिशूर में तीव्र त्रिकोणीय लड़ाई में उलझे कांग्रेस सांसद के. करुणाकरन के बेटे के. मुरलीधरन ने कहा कि गर्मी बढ़ रही है, लेकिन । अलाप्पुझा में सीपीआई (एम) के सदस्य ए.एम. आरिफ़ ने कहा कि सुबह-सुबह उनका वार्म-अप सत्र होता है। रमज़ान चल रहा है, वह सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं और दिन के दौरान कुछ भी खाने के बारे में परेशान नहीं होते हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ, सभी उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार प्रबंधक हर दिन मौसम की जानकारी लेते हैं और उसके अनुसार चुनाव प्रचार कार्यक्रमों की योजना बनाते हैं।
हालांकि, विज्ञापन सामग्री तैयार करने वाले बारिश न होने से खुश दिख रहे।


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