उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग पर CBFC की आपत्ति, IIIT-हैदराबाद को नोटिस जारी

Summary :

निर्माता ललित वाचानी द्वारा निर्देशित यह डॉक्यूमेंट्री उमर खालिद की साल 2020 में हुई गिरफ्तारी और उनकी कानूनी लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती है। खालिद को उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगों से जुड़ी साजिश के आरोप में UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था और वे तब से जेल में ही बंद हैं।

CBFC on Umar Khalid : जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के एक्स स्टूडेंट उमर खालिद पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘प्रिजनर नंबर 626710 इज प्रेजेंट’ के प्रदर्शन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने इस फिल्म की तय स्क्रीनिंग पर सख्त ऐतराज जताया है। बता दें यह स्क्रीनिंग IIIT-Hyderabad में होने जा रही थी।

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार छात्रों के एक समूह ने शुक्रवार रात 8 बजे केआरबी ऑडिटोरियम में इस डॉक्यूमेंट्री को दिखाने का प्लान बनाया था। बोर्ड का कहना है कि बिना सर्टिफिकेट या सरकारी छूट के किसी भी गैर-प्रमाणित फिल्म का पब्लिक शो सिनेमाटोग्राफ एक्ट का सीधा उल्लंघन है।

बिना अनुमति के स्क्रीनिंग गैरकानूनी: CBFC

सेंसर बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए साफ किया कि जब तक एक्ट के तहत कोई विशेष छूट न दी गई हो, तब तक बिना सीबीएफसी सर्टिफिकेशन के डॉक्यूमेंट्री दिखाना नियमों के खिलाफ है। बोर्ड ने IIIT-हैदराबाद को टैग करते हुए संस्थान के प्रशासन से इस मामले पर तुरंत ध्यान देने और जरूरी कदम उठाने को कहा है।

निर्माता ललित वाचानी द्वारा निर्देशित यह डॉक्यूमेंट्री उमर खालिद की साल 2020 में हुई गिरफ्तारी और उनकी कानूनी लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती है। खालिद को उत्तर-पूर्व दिल्ली दंगों से जुड़ी साजिश के आरोप में UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था और वे तब से जेल में ही बंद हैं।

ABVP ने किया था विरोध

हैदराबाद से पहले बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी में भी इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग रोकी जा चुकी है। वहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कड़े विरोध के बाद कार्यक्रम को टालना पड़ा था।

ABVP के प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा था और मांग की थी कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन को आदेश देकर इस फिल्म के प्रदर्शन पर स्थायी रूप से रोक लगाई जाए।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।