अमरावती, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम शनिवार और रविवार को राज्य का दौरा करेगी।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने शुक्रवार को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव चित्तरंजन दास के नेतृत्व में सात सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम अगले दो दिनों तक चक्रवात प्रभावित जिलों का दौरा कर जमीनी स्थिति और नुकसान का आकलन करेगी।
यह टीम कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और पश्चिमी गोदावरी जिलों का दौरा करेगी।
शनिवार को वरिष्ठ अधिकारी रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी (आरटीजीएस) केंद्र में टीम को चक्रवात के दौरान किए गए राहत एवं बचाव कार्यों तथा हुए नुकसान की जानकारी देंगे। इसके बाद टीम दो समूहों में विभाजित होकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी।
पहले समूह के साथ आरटीजीएस के सीईओ और एपीएसडीएमए के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन रहेंगे, जबकि दूसरे समूह के साथ माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक चक्रधरा बाबू मौजूद रहेंगे।
केंद्रीय टीम के सोमवार शाम मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात करने की संभावना है।
प्रखर जैन के अनुसार, शनिवार को टीम-1 कोनसीमा जिले और टीम-2 पूर्वी गोदावरी जिले का दौरा करेगी। रविवार को टीम-1 काकीनाडा और टीम-2 पश्चिमी गोदावरी जिले में जाकर नुकसान का जायजा लेगी तथा चक्रवात प्रभावित लोगों से बातचीत करेगी।
केंद्रीय दल में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एडीसी प्रशांत आर्मोरिकर, जल शक्ति मंत्रालय (सीडब्ल्यूसी) की अधीक्षण अभियंता रेखारानी कोल्लू, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सहायक निदेशक हिमालय गर्ग, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार सिंह, ग्रामीण विकास मंत्रालय के उप सचिव आलोक जौहर, बिजली मंत्रालय के उप निदेशक प्रणय गर्ग तथा इसरो के राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केंद्र (एनआरएससी) के वैज्ञानिक एसएफ डॉ. एस.वी.एस.पी. शर्मा शामिल हैं।
इस बीच एक अन्य केंद्रीय टीम 2026 खरीफ सीजन के दौरान सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए 2 और 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश का दौरा करेगी। यह टीम श्री सत्य साई, अनंतपुर, कुरनूल और नंदयाल जिलों का निरीक्षण करेगी।
प्रखर जैन ने बताया कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव चिन्मय गोतमारे के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी।
यह टीम भी दो समूहों में बंटकर किसानों से बातचीत करेगी और सूखे की स्थिति का आकलन करेगी। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की सूखा मैनुअल गाइडलाइन के अनुसार खरीफ 2026 सीजन में 283 मंडलों को गंभीर सूखा प्रभावित तथा 105 मंडलों को मध्यम सूखा प्रभावित घोषित किया गया है।
सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने वाली टीम के 4 नवंबर को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात करने की भी संभावना है।
इस टीम में महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र (एमएनसीएफसी) की सहायक निदेशक प्रभा कांती, ग्रामीण विकास विभाग के अवर सचिव विनोद सामंत, व्यय विभाग के उप निदेशक पंकज पहाड़िया, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन निदेशालय के निदेशक एन.वी. सतीश सीमाकुर्थी, तिलहन विकास निदेशक डॉ. के. पोनुसामी, नीति आयोग की वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी अनुराधा बताना, आरआईसी के धीरेंद्र कुमार, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अवर सचिव प्रदीप कुमार तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की पशुपालन अधिकारी डॉ. साक्षी भदौरिया शामिल हैं।
–आईएएनएस
एएमटी/वीसी
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