ब्रिटेन की कैंब्रिज एनालिटिका और ग्लोबल साइंस रिसर्च लिमिटेड द्वारा अवैध तरीके से 5.62 लाख भारतीय फेसबुक यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल करने के आरोप में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (सीबीआई) ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीबीआई ने डाटा चोरी के इस मामले में वर्ष 2018 की शुरुआत में जांच शुरू की थी। बता दें कि कैंब्रिज ऐनालिटिका पर आरोप हैं कि ग्लोबल साइंस रिसर्च के जरिए उन्होंने भारतीय फेसबुक यूजर्स के डेटा का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया।
फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग के मालिकाना हक वाले फेसबुक ने इस मामले पर कहा था कि करीब 8 करोड़ 70 लाख लोगों (अधिकांश अमेरिका के यूजर्स) के डेटा गलत तरीके से कैंब्रिज एनालिटिका से साझा किए गए। इस संबंध में केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साल 2018 में ही फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका को चिट्ठी लिख स्पष्टीकरण मांगा था। आरोप है कि ग्लोबल साइंस रिसर्च ने अवैध तरीके से 5 लाख 62 हजार भारतीय फेसबुक यूजर्स का डेटा जमा किया
भारतीय फेसबुक यूजर्स के इस डाटा को कैंब्रिज एनालिटिका के साथ साझा किया। कैंब्रिज एनालिटिका ने इस डेटा का इस्तेमाल भारत में हो रहे चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया था। दरअसल, क्रिस्टोफर वाइली नाम के व्हिसलब्लोअर ने यह खुलासा किया था कि भारतीय फेसबुक यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया गया। क्रिस्टोफर कैंब्रिज ऐनालिटिका के कर्मचारी थे। इसके बाद मंत्रालय ने फेसबुक और कैंब्रिज ऐनालिटिका से मामले में सफाई मांगी थी।


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