केंद्र सरकारने ने मनरेगा के तहत श्रमिकों की मजदूरी में बढ़ोतरी की है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रो में इस योजना के तहत कार्य कर रहे लोगों के लिए ये राहत की बात होगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिकों की मजदूरी दरों में 3-10 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। ये दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी।
- केंद्रीय बजट में मनरेगा के लिए 86 हजार करोड़ रुपये आवंटित
- हरियाणा में श्रमिकों को देश में सबसे ज्यादा 374 रुपये प्रतिदिन मजदूरी
- छत्तीसगढ़ में 9.95 प्रतिशत की वृद्धि
261 रुपये के मुकाबले बढ़कर 289 रुपये
इस बढोतरी के साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए देश भर में औसत मनरेगा मजदूरी 2023-24 के 261 रुपये के मुकाबले बढ़कर 289 रुपये हो जाएगी।
मजदूरी दरों में वृद्धि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लिए तीन प्रतिशत से लेकर गोवा के लिए 10.56 प्रतिशत और कर्नाटक के लिए 10.4 प्रतिशत तक है। आंध्र प्रदेश में 10.29 प्रतिशत, तेलंगाना में 10.29 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 9.95 प्रतिशत की वृद्धि है।
हरियाणा में श्रमिकों को देश में सबसे ज्यादा 374 रुपये प्रतिदिन मजदूरी
लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव आयोग से अनुमति के बाद ग्रामीण विकास मंत्रालय ने संशोधित मजदूरी दरों की घोषणा की।
हरियाणा में श्रमिकों को देश में सबसे ज्यादा 374 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलेगी। सबसे कम अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के लिए 234 रुपये प्रतिदिन तय की गई है।
केंद्र ने 2024-25 के केंद्रीय बजट में मनरेगा के लिए 86 हजार करोड़ रुपये आवंटित किया है।


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