लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के मुद्दे को लेकर विवादों में घिरी केंद्र सरकार ने बताया कि चूर्ण महामारी के दौरान लगभग एक करोड़ प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्यों को चले गए थे लेकिन उनमें से अधिकतर अब लौट आए हैं और रोजगार हासिल कर रहे हैं।
दरअसल, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने एक पूरक प्रश्न के माध्यम से केंद्रीय मंत्री से जानना चाहा था कि कोरोना महामारी के दौरान कारखानों के बंद हो जाने से असंगठित क्षेत्र के कितने श्रमिकों की नौकरी छूट गई, ओस सरकार के पास इसका क्या आधिकारिक आंकड़ा है?
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने इस पर जवाब देते हुए कहा, ‘‘प्राप्त सूचना के मुताबिक लगभग एक करोड़ श्रमिक अपने कार्य स्थलों से अपने गृह राज्यों को लौट गए थे। लेकिन अब इनमें से अधिकतर लोग काम पर लौट आए हैं और रोजगार हासिल कर रहे हैं।’’
यह जानकारी देते हुए कि संगठित क्षेत्र में 10 करोड़ और असंगठित क्षेत्र में 40 करोड़ श्रमिक हैं, गंगवार ने कहा कि सरकार असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों को संगठित क्षेत्रों के कार्यक्षेत्रों में लाने के लिए प्रयासरत है और इस संबंध में कार्यक्रम चला रही है। एक सवाल के लिखित जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘नियोजनीयता में सुधार करते हुए रोजगार पैदा करना सरकार की प्राथमिकता रही है।’’ उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार ने कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि इनमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-एनयूएलएम) जैसी योजनाएं शामिल हैं।


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