देशभर में अचानक बढ़ते प्याज के दामों पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने प्याज के आयात के नियमों में ढील देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही सरकार बफर स्टॉक से भी बाजार में प्याज उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। जिससे की त्यौहार के मौसम में लोगों को किफायती दामों पर प्याज उपलब्ध कराई जा सके। पिछले 10 दिनों में प्याज की कीमतें 12 फीसदी तक बढ़ी हैं।
केंद्र सरकार ने सभी भारतीय उच्च आयोगों को यह निर्देश दिया है कि वह संबंधित देशों में व्यापारियों से इस संबंध में संपर्क करें। जिससे की देश में ज्यादा से ज्यादा प्याज आयात की जा सके। उपभोक्ता मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि प्याज के आयात के लिए नियमों में यह ढील 15 दिसंबर तक जारी रहेगी। इसके साथ सरकार ने बफर स्टॉक से सफल केंद्रीय भंडार और राज्य सरकारों को प्याज जारी की है। जिसमें जल्द ही इजाफा किया जाएगा।
प्याज की कीमत 51.95 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई। यह इस अवधि में पिछले साल की कीमत के मुकाबले 12 फीसदी अधिक है। केंद्र सरकार का कहना है कि प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसमें निर्यात पर रोक भी शामिल है। प्याज की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का कारण महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के कई जिलो में हुई भारी बारिश भी एक बड़ी वजह है। क्योंकि, बारिश की वजह से खरीफ की फसल खराब हुई। इसके साथ प्याज के भंडारण को भी नुकसान पहुंचा है।


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