राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को चंद्रमा की सतह पर उतरने से पहले विक्रम लैंडर से संपर्क टूटने के बाद कहा कि चंद्रयान-2 मिशन के साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की पूरी टीम ने अनुकरणीय प्रतिबद्धता और साहस दिखाया है।
कोविंद ने ट्वीट कर कहा, “चंद्रयान 2 मिशन के साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की पूरी टीम ने अनुकरणीय प्रतिबद्धता और साहस दिखाया है। देश को इसरो पर गर्व है। हम सभी को सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद है।”

केन्द्रीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि चंद्रयान-2 को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की अब तक की उपलब्धि पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है।
शाह ने ट्वीट किया, “चंद्रयान-2 को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की अब तक की उपलब्धि पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है। भारत इसरो के अपने प्रतिबद्ध एवं अथक परीश्रम करने वाले वैज्ञानिकों के साथ खड़ है। इसरो की भविष्य की योजनाओं के लिए मेरी शुभकामनाएं।”

इसरो के वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत पर गौरवान्वित पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को लैंडर विक्रम से पुन: संपर्क जुड़ने की आशा व्यक्त की है। एक ट्वीट में उन्होंने कहा, “लैंडर विक्रम के साथ पुन: संपर्क जुड़ने का पूरे देश को इंतजार है। हम सभी को इसरो के हर एक व्यक्ति की कड़ी मेहनत पर बहुत गर्व है और चंद्रयान 2 द्वारा हासिल उपलब्धियां अनुकरणीय है।”
सफलता के अत्यंत करीब जाकर शनिवार को चंद्रयान 2 के अंतिम चरण में लैंडर विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपने निर्धारित लैंडिंग स्थान से केवल 2.1 किलोमीटर की दूरी पर था तभी उसका संपर्क टूट गया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी शनिवार की सुबह ट्वीट कर कहा कि राष्ट्र को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) पर गर्व है। उन्होंने आगे कहा कि यह कोई असफलता नहीं है, बल्कि मात्र अस्थायी रुकावट है। उन्होंने ट्वीट किया, “यह कोई असफलता नहीं है, हमारे लक्ष्यों को पाने में यह मात्र अस्थायी रुकावट है। इसरो ने अब तक जो कुछ भी हासिल किया है, उसके लिए उसके हर एक वैज्ञानिक पर हमें गर्व है।”उन्होंने आगे कहा, “हम आपके साथ हैं और भविष्य में सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद करते हैं।”

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा, “हमें अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है। उन्होंने इतिहास रचा है। निराश होने की जरूरत नहीं है। हमारे वैज्ञानिकों ने बेहद शानदार काम किया है। जय हिंद।’

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस येदियुरप्पा ने ट्वीट में कहा, “हम आपको साथ हैं इसरो। आप पर गर्व है कि आपने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने का साहस किया है, जहां किसी और ने कभी प्रयास तक नहीं किया।”इसके साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इसरो के वैज्ञानिकों के ‘प्रयास और कड़ी मेहनत’ पर उन्हें गर्व है।

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इसरो के वैज्ञानिकों का साहस बढ़ते हुए आज कहा कि टीम इसरों की मेह्नत और उपलब्धियों पर देश को गर्व है। दास ने कहा कि इसरो की टीम की मेहनत और उपलब्धियों पर पूरे देश को गर्व है। मिशन चंद्रयान का सफर बेहद प्रेरणादायी और बेमिसाल है।
उन्होंने कहा कि उतार-चढ़व तो जीवन का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “इसरो ने हमेशा देशवासियों को खुशियां मनाने का अवसर प्रदान किया है। आपको सफलता जरुर मिलेगी। भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं।”
गौरतलब है कि चांद पर उतरने से महज 2.1 किलोमीटर पहले चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का धरती पर स्थित मिशन नियंत्रण कक्ष से संपर्क टूट गया था।


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