हिज़्ब-उत-तहरीर के तीन आतंकियों पर NIA का शिकंजा, कोर्ट में दायर की चार्जशीट

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हिज़्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) नामक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के तीन गुर्गों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इन लोगों पर संगठन की विचारधारा को बढ़ावा देने और विदेशी स्रोतों से पैसा जुटाकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने का इल्ज़ाम है। आरोपियों के नाम कबीर अहमद अलियार (उर्फ कबीर अहमद), अज़ीज़ अहमद (उर्फ जलील अज़ीज़ अहमद), और बावा बहरुदीन (उर्फ मन्नाई बावा) हैं। इन लोगों ने भारत विरोधी ताकतों से सैन्य मदद लेने और एचयूटी के संस्थापक तकी अल-दीन अल-नभानी के लिखे संविधान को लागू करने की योजना बनाई थी।

आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश

उनका मकसद भारत में इस्लामी खिलाफत की स्थापना करना था। जांच में पता चला है कि इन आरोपियों ने हज और उमराह यात्रियों के जरिए पाकिस्तानी सेना से समर्थन हासिल करने की भी कोशिश की थी। NIA की पड़ताल से यह भी खुलासा हुआ कि ये लोग एचयूटी की गुप्त कक्षाओं में युवाओं को भर्ती कर रहे थे। इन कक्षाओं में कमजोर युवाओं को संगठन की कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ा गया। ध्यान देने वाली बात है कि पिछले साल अक्टूबर में भारत सरकार ने एचयूटी और इसके सभी स्वरूपों पर पाबंदी लगा दी थी।

भारत में कट्टरपंथी विचारधारा को फैलाना

आरोपियों ने ईरान, तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देशों की सैन्य ताकत को दिखाने के लिए एक प्रदर्शनी भी आयोजित की थी। इस प्रदर्शनी का मकसद लोगों को हिंसक जिहाद और युद्ध के जरिए भारत सरकार को हटाने के लिए उकसाना था। एनआईए का कहना है कि यह मामला अभी भी जांच के दायरे में है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। एजेंसी इस साजिश के अन्य पहलुओं और संलिप्त लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। यह कार्रवाई देश की सुरक्षा और शांति को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां ऐसी आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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