इसरो ने जो चाँद पर कर दिखाया वही प्रग्गनानंद ने ज़मीन पर कर दिखाया है । जी हां ये वही प्रग्गनानंद हैं जो की शतरंज गेम के मामले में पुरे विश्व के अंदर 15वें नबंर पर आते हैं । आज उनकी तारीफ विश्व कर रहा है, इतना ही नहीं बल्कि अब उनका नाम इसरो के साथ भी जुड़ने जा रहा है । अब आप पुछेंगे की आखिरकार कैसे ? तो आज हम आपको यही जानकारी देने आए हैं , चलिए जानते हैं कैसे ?
कैसे जुड़ा प्रग्गनानंद का नाम ISRO से ?
इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने शतरंज ग्रैंडमास्टर रमेश बाबू प्रग्गनानंद से उनके घर पर मुलाकात के जहां इसरो के अध्यक्ष ने कहा की रमेशबाबू प्रग्गनानंद की उपलब्धि के लिए उन्हें, उन पर बहुत गर्व है। अब दुनिया में वह 15वें नंबर पर है और जल्द ही पहले नंबर पर होंगे। सोमनाथ ने कहा कि शतरंज भारत में शुरू हुआ था और यह पुराना खेल है यही इसका मूल स्थान है यह दिमाग और प्रतिभा का खेल है ये योजना और रणनीति का भी खेल है और इसलिए भारत आगे है।
उन्होंने कहा कि जो हमने चंद्रमा पर कर दिखाया वही रमेशबाबू ने जमीन पर कर दिया। एस सोमनाथ ने कहा कि अब प्रग्गनानंद इसरो के साथ काम करने वाले हैं। वह अंतरिक्ष को प्रमोट करने के लिए इसरो के साथ काम करने वाले हैं।


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