सड़कें गंदी, होस्टल ख़राब, कूड़ा-करकट और भुखमरी… चीन के पेड इन्फ्लुएंसर्स और PR की सोशल मीडिया पर खुली पोल

Summary :

China Propaganda Breakdown on social media : क्या चीन जैसा दिखाई देता है वैसा है? सोशल मीडिया पर चीन की एक साफ़ सुथरी, चमकदार, अत्याधुनिक छवि दिखाई देती है, जिसे देखकर कोई भी दंग रह जाता है कि आखिर इतने कम समय में चीन ने इतनी उन्नति कैसे कर ली? जो चीन 20वीं सदी तक भारत के समान्तर था वह अचानक 20-25 सालों में इतना आगे कैसे बढ़ गया कि उसकी दिखाई हर चीज हैरान करने लगती है? फिर चाहे वह सड़कें हों, महल्ले हों, घर हों,शिक्षा हो या नागरिकों का अनुशासन. आपने भी कई वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट…

China Propaganda Breakdown on social media : क्या चीन जैसा दिखाई देता है वैसा है? सोशल मीडिया पर चीन की एक साफ़ सुथरी, चमकदार, अत्याधुनिक छवि दिखाई देती है, जिसे देखकर कोई भी दंग रह जाता है कि आखिर इतने कम समय में चीन ने इतनी उन्नति कैसे कर ली? जो चीन 20वीं सदी तक भारत के समान्तर था वह अचानक 20-25 सालों में इतना आगे कैसे बढ़ गया कि उसकी दिखाई हर चीज हैरान करने लगती है? फिर चाहे वह सड़कें हों, महल्ले हों, घर हों,शिक्षा हो या नागरिकों का अनुशासन.

आपने भी कई वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट जैसे एक्स, इंस्टाग्राम या फेसबुक में देखे होंगे जहां चीन चमकता दमकता दिखाई देता रहा है, मगर क्या वाकई चीन वैसा है जैसा हमें दिखाया जाता रहा है? क्या सही में चीन में सब बढ़िया चल रहा है?

इन्हीं सवालों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा चलने लगी है और भारत में युवा अब चीन की उन तसवीरों और वीडियो को शेयर करने लगे हैं जिसे दुनिया से छुपाया जाता रहा है. एक तरह से देखें तो भारतीय युवाओं ने चीन के उस दीवार को ब्रेक किया है जिसके पीछे सारी गंदगी छिपाई जाती रही.

China Viral Videos Exposed : भारतीय खोल रहे चीन की पोल

जैसे, घर का कलेश नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने एक एक्स पर एक वीडियो शेयर की है, इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक महिला रोड के बीचों बीच स्कूटी से नीचे गिरी हुई है, उसके आसपास लोग आते जाते दिखाई रहे हैं मगर कोई उसे उठाने वाला नहीं. यह वीडियो चीन की उस बात की पोल खोलता है जहां लोगों को बहुत ज्यादा केयरफुल दिखाया जाता है.

ठीक इसी तरह शरोह नाम की एक यूजर ने एक वीडियो एक्स पर शेयर की है. जहां एक रूम दिखाया गया है. जिसे हॉस्टल बताया जा रहा है. इस होस्टल की हालत बेहद खराब दिखाई दे रही है. हॉस्टल में कई छात्र एक साथ रह रहे हैं जहां न तो कोई सफाई है न सुविधा. व्यवस्था भी बेहद खराब दिखाई रही है. स्टूडेंट बहुत ख़राब कंडीशन में रह रहे हैं.

वहीँ एक और वीडियो चाइना की गंदगी को उजागर कर रही है. इस वीडियो को DeepDownAnalysis नाम के एक यूजर ने शेयर की है. वीडियो में एक बीच दिखाई दे रहा है. पूरे बीच में लोग ही लोग दिखाई दे रहे हैं. और लोगों से ज्यादा बीच में फैली गंदगी. बीच में गंदगी इतनी फैली है कि मुंबई का जुहू बीच उसके मुकाबले चमचमाते नजर आए. इस बीच में खराब सिविक सेन्स दिखाई दे रहा है जो चीन की बनाई साफ़ सुथरी छवि पर सवाल खड़े करता है.

इसी तरह एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें चीन का एक गांव दिखाई दे रहा है, जहां पूरे रास्ते में कूड़ा ही कूड़ा दिखाई दे रहा है. यह कूड़ा चारों तरफ बिखरा पड़ा है. सफाई का कहीं नामोनिशान नहीं, बल्कि धुंआ और प्रदूषण भी खूब दिखाई दे रहा है. किसी वीडियो में तो खाने को तरस रहे लोग दिखाई दे रहे हैं. चीन को ले कर सोशल मीडिया पर आ रही यह कुछ वीडियो नहीं, बल्कि ढेरों वीडियो सोशल मीडिया पर चलाई जा रही हैं.

China Social Media Image Breakdown : चीन ने किए पेड कैम्पेन

अब सवाल यह कि क्या चीन वह है जो हमें दिखाया जा रहा है? या यह जो सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है. चीन को लेकर कई सवाल पहले भी उठाए जाते रहे हैं. चीन से कौन सी जानकारी बाहर जाएगी, और कौन सी चीन में पहुंचेगी यह वहाँ की सरकार तय करती है. शुरुआत से चीन ने इन्फोर्मेशन पर कड़ा पहरा लगाया है. ऐसे में चीन की साफ़सुथरी छवि बनाए जाने में सरकार की भूमिका रही है. मगर क्या उस छवि पर भरोसा किया जा सकता है?

जानकारी हो तो, हाल में चीन ने अपनी पोजिटिव इंटरनेशनल इमेज बनाने के लिए बाहरी इन्फ्लुएंसर्स को पैसे देकर अपने देश में बुलाने की नीति अपनाई. जिसके लिए इन्फ्लुएंसर्स को अच्छा खाना रहना और घुमने को मिलता है, जिसके बाद एकाएक चीन की पोजिटिव इमेज दुनिया भर में प्रचारित हुई. मगर हकीकत क्या है यह सोशल मीडिया में खुल कर सामने आ रही है. भारतीय इस समय चीन के उस दीवार को ब्रेक कर रहे हैं जो उसने दुनिया से छिपाई है और चीन में ‘सब बढ़िया और चमकदार है’ इस भ्रम को तोड़ रहे हैं.

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।