मुंबई, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद का विशेष सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है। तीन दिन तक चलने वाले इस सत्र को लेकर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण मिलना चाहिए, यह सबका मत है। लेकिन, परिसीमन को 2011 की जनगणना के आधार पर करना गलत होगा।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि नई जनगणना या सर्वेक्षण होना चाहिए। दक्षिण के राज्यों का कहना है कि हमने बेहतर मेडिकल सुविधाएं और शिक्षा उपलब्ध कराई, जिससे आबादी नियंत्रित हुई, लेकिन अब हमारी लोकसभा सीटें कम की जा रही हैं। यह गलत है। दक्षिण राज्यों को सीटें घटने का डर है, जबकि उत्तर की सीटें बढ़ेंगी। उनका यह आशंका जायज है।
हुसैन दलवई ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था को चौथे से तीसरे स्थान पर लाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन वह छठे स्थान पर चली गई है। लोगों की नौकरियां चली गईं, हालात बिगड़ गए हैं, महंगाई बढ़ गई है। अमीरों की अमीरी बढ़ी है और गरीबों की गरीबी बढ़ गई है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
उन्होंने कहा कि आप लोगों को शिक्षित कैसे करेंगे, आप तो स्कूल बंद कर रहे हैं और दवाखाने बंद कर रहे हैं। सत्ता में बने रहना और ऊपरी जाति तथा अमीर वर्ग का भला करना ही इनका मकसद है। इसलिए हिंदू-मुस्लिम-ईसाई के नाम पर ऐसी गड़बड़ियां की जाती हैं।
महिला आरक्षण बिल पर दलवई ने कहा कि संसद में इस पर पूरी बहस होगी, लेकिन टू-थर्ड मेजॉरिटी हासिल करने के लिए जो जरूरी है, वह उन्हें मिलेगी, ऐसा मुझे नहीं लगता। मुसलमान देश की 15 प्रतिशत आबादी हैं। उनका कहीं न कहीं प्रतिनिधित्व होना चाहिए। पार्टियों को बाध्य किया जाए कि उनके उम्मीदवारों में एक निश्चित प्रतिशत मुस्लिमों और अन्य पिछड़े वर्गों का भी हो। आज एक भी मुस्लिम मंत्री नहीं है, क्या यह अच्छी बात है। यह क्या चल रहा है।
नासिक आईटी कंपनी में कथित धर्मांतरण मामले पर दलवई ने कहा कि जो भी हुआ वह ठीक नहीं है। जब तक औरतों के प्रति समाज का नजरिया नहीं बदलेगा, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। जिन्होंने भी यह किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यह कहना गलत है कि केवल मुसलमान ही ऐसा करते हैं। हिंदू भी करते हैं, क्योंकि समस्या नजरिए की है। समाज का नजरिया बदलना चाहिए। महिलाओं को पूरे अधिकार और समान अधिकार मिलने चाहिए। सबको समान अधिकार मिलने चाहिए।
ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए एक मई से बदल रहे नियम पर उन्होंने कहा कि मराठी नहीं आती हो तो सीखना चाहिए। अगर पैसेंजर मराठी में बात करे तो जवाब मराठी में देना चाहिए, लेकिन पढ़ना-लिखना भी अनिवार्य करना गलत है।
बंगाल चुनाव को लेकर हुसैन दलवई ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा की मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के आयुक्त को बदल देना चाहिए।
–आईएएनएस
डीकेएम/एबीएम
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