कर्नाटक : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज कहा कि लिंगायत और वीरशैव समुदायों को पृथक धार्मिक अल्पसंख्यक दर्जा देने का उद्देश्य बी एस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनने से रोकना है। उन्होंने यहां एक नारियल किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ सिद्धरमैया सरकार यह प्रस्ताव इसलिए नहीं लाई कि वे लिंगायतों से प्रेम करते हैं, बल्कि उनका मकसद येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनने से रोकना है।’’ शाह ने चुनावी राज्य कर्नाटक का दोदिवसीय दौरा शुरू किया है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं कर्नाटक की जनता से कहना चाहता हूं कि अगर भाजपा का बहुमत आता है तो हम येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाएंगे।’’ येदियुरप्पा को लिंगायतों को मजबूत नेता माना जाता है। राज्य की कैबिनेट ने हाल में केन्द्र को यह सिफारिश करने का फैसला किया था कि लिंगायतों और वीरशैवों को धार्मिक अल्पसंख्यक दर्जा दिया जाए। इस कदम को भाजपा के मजबूत लिंगायत वोट बैंक में सेंध लगाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
शाह ने कहा कि केन्द्र कीतत्कालीन मनमोहन सरकार2013 में इस प्रस्ताव को खारिज कर चुकी है और अब उसे लाने का मकसद लोगों के बीच भ्रम पैदा करना है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य की जनता सिद्धरमैया की‘‘ फूट डालो और शासन करो की नीति से’’ प्रभावित नहीं होगी। शाह ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भाजपा पर आरोप लगाने से पहले लोगों को बांटने के लिए सिद्धरमैया पर सवाल उठाने चाहिए। उन्होंने राज्य में किसानों की खुदकुशी को रोकने में नाकाम रहने पर सिद्धरमैया सरकार पर करारा हमला बोला।
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