Countries with Highest Gold Reserves : तेंलांगना के सिंकदराबाद में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से टेम्पोररी सोना न खरीदने की अपील की. हालांकि इस पर कोई कानून नहीं है, मगर यह एक मोरल अपील है. इस अपील के बाद कई तरह के आंकलन सामने आ रहे हैं. सोना भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट माना जाता रहा है. सोने के दाम निरंतर बढ़ते रहे हैं, भारत में इसे कल्चर से जोड़ कर देखा जाता है.
यहां महिलाएं सोना से सृंगार करती हैं. यहां तक कि सोना परम्परा से जोड़ कर देखा जाता है और पौराणिक समय से यह चलता आ रहा है कि परिवार स्त्रीधन के रूप में सोना बेटी की शादी में दिया करते रहे. मगर क्या हो जब आप से कहा जाए कि हाई डिमांड के बावजूद उन अग्रणी देशों में शामिल नहीं जहां सबसे ज्यादा सोने का रिजर्व रखा हुआ है.
Countries with Highest Gold Reserves: पहले पर अमेरिका

बता दें, सोना रिजर्व के मामले में अमेरिका सबसे ज्यादा धनी है. बता दें. अमेरिका के पास दुनिया का सबसे ज्यादा सोना पीडीए है. अमेरिका के पास 8,133 टन सोना पड़ा है. इसे अगर किलो में मापें तो यह कुल 8,133,000 किलोग्राम के आसपास बैठता है. यह भंडार मुख्य रूप से फोर्ट नोक्स में सुरक्षित रखा गया है.
जर्मनी, इटली और फ्रांस क्रमश
अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर जर्मनी का नाम आता है. बता दें जर्मनी के पास करीब 3350 टन सोना है. यानि इसका किलो में हिसाब 3350000 किलो बैठता है. इसी तरह तीसरे पर इटली है जिसके पास 2,452000 किलो सोना पड़ा है. वहीँ फ्रासं के पास 2,437000 किलो.
China Gold Reserve: चीन खरीद रहा जम कर सोना

इसमें चीन ऐसा देश उभर के सामने आया है जिसने हाल के समय में अपने रिजर्व में सोने को बढ़ाना शुरू किया. रूस इस लिस्ट में हालाँकि 5वें स्थान पर है जिस के पास इस समय 2330 टन सोना पड़ा है. मगर हाल के समय में चीन बेहिसाब सोना खरीदना शुरू किया है. चीन के पास वर्तमान में 2313 टन सोना है. चीन ने 17 महीनों से लगातार अपने भंडार में सोना जोड़ना शुरू किया है. उसने काफी तेजी से सोना इकठ्ठा किया है. वह इसी स्पीड से आगे बढ़ता रहा तो कुछ ही समय में टौप 5 में शामिल हो सकता है.
India Rankings in Gold Reserve: भारत की क्या स्थिति
इस लिस्ट में अगर भारत की बात की जाए तो भारत का सोने का भंडार इन देशों से फिलहाल बेहद कम है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास लगभग 880 टन सोना है यानी 88 हजार किलो. सोना कम होने से दूसरे देशों पर निर्भरता बढ़ जाती है. हालांकि भारत इस कमी की भरपाई कर रही है. इसी साल फ़रवरी में भारत ने 18 टन सोना खरीदा. भारत खुद कुछ समय से सोना खरीद रहा है. बता दें, भारत, रूस और चीन की तरह सोने को डोलर के मुकाबले बड़े विकल्प के रूप में देखता है. ताकि अमेरिकी डोलर पर निर्भरता कम हो सके और सोने के रोप में ठोस विकल्प पैदा हो सके.
हालांकि कई पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पोलेंड जैसे देश हैं जिनके पास सैकड़ा टन के नंबर में भी सोना सुरक्षित नहीं है. ऐसे में इनकी निर्भरता पूरी तरह से डोलर पर बनी रहती है. और ये देश अधिक अमेरिकी दबाव में रहते हैं.
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