नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। करोल बाग विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से खाली पड़ी सीपीडब्ल्यूडी की जमीन को जन सुविधाओं के लिए इस्तेमाल करने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को प्रदर्शन किया। करोल बाग से विधायक विशेष रवि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सीपीडब्ल्यूडी मुख्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सीपीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर महानिदेशक के नाम मांग पत्र सौंपा।
विधायक विशेष रवि ने कहा कि करोल बाग के बापा नगर, देव नगर, रेगर पुरा और बीडनपुरा समेत आसपास का इलाका घनी आबादी वाला है। उनके मुताबिक, बड़ी आबादी के बावजूद क्षेत्र में लोगों की जरूरत के अनुरूप पार्क, स्कूल, अस्पताल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और पार्किंग जैसी जन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। दूसरी ओर, इसी इलाके के बीच सीपीडब्ल्यूडी की हजारों वर्ग मीटर जमीन लंबे समय से खाली और जर्जर अवस्था में पड़ी है। विशेष रवि ने कहा कि इस जमीन पर पहले सीपीडब्ल्यूडी के क्वार्टर और अन्य भवन थे, लेकिन वर्ष 2014-15 के बाद यहां रहने वाले लोग चले गए और इसके बाद से जमीन का समुचित उपयोग नहीं हुआ। लंबे समय तक खाली रहने के कारण भवन जर्जर हो चुके हैं और पूरा परिसर खंडहर में तब्दील हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि खाली पड़े परिसर में असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं, जबकि आसपास रहने वाले लोगों को जन सुविधाओं की जरूरत है। विधायक ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पिछले करीब सात-आठ वर्षों से सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। इस दौरान कई बार पत्र लिखे गए, अधिकारियों से मुलाकात की गई और फोन के माध्यम से भी मामले को उठाया गया। इसके अलावा क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान चलाने के साथ लोगों को जागरूक करने के लिए यात्रा भी निकाली गई। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर पार्टी को सीपीडब्ल्यूडी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर ज्ञापन देने का निर्णय लेना पड़ा।
विशेष रवि ने कहा कि उनकी मांग है कि बापा नगर, देव नगर, रेगर पुरा और आसपास के क्षेत्र में खाली पड़ी सीपीडब्ल्यूडी की जमीन को जनता के हित में इस्तेमाल किया जाए। जमीन पर पार्क, स्कूल, अस्पताल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और अन्य आवश्यक जन सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ज्ञापन के बाद सीपीडब्ल्यूडी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि यदि विभाग की ओर से मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय जनता से बातचीत कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जन आंदोलन, भूख हड़ताल या आमरण अनशन जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। वहीं, निगम पार्षद महेश खींची ने कहा कि देव नगर में सीपीडब्ल्यूडी की कई हजार वर्ग मीटर जमीन लंबे समय से खाली और बंजर पड़ी है। इस जमीन पर पहले सीपीडब्ल्यूडी के क्वार्टर बने हुए थे, जिनमें अधिकारी और कर्मचारी रहते थे। उनके अनुसार, पिछले करीब 12-13 वर्षों से ये क्वार्टर खाली पड़े हैं और अब उनकी हालत जर्जर हो चुकी है। कई भवन गिरने की स्थिति में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि परिसर में लोग कूड़ा और मलबा डाल रहे हैं तथा गलत गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। महेश खींची ने कहा कि तत्काल तौर पर जर्जर क्वार्टरों को हटाकर जमीन को समतल किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इसका इस्तेमाल जनहित में किया जा सके।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से लगातार अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया जा रहा है, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की बड़ी आबादी के लिए अस्पताल, स्कूल और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाओं की जरूरत है। ऐसे में लंबे समय से खाली पड़ी सरकारी जमीन का उपयोग जन सुविधाएं विकसित करने के लिए किया जाना चाहिए।
महेश खींची ने चेतावनी दी कि यदि सीपीडब्ल्यूडी की ओर से जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक जनता के साथ मिलकर भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे कदम उठाने पर भी विचार किया जाएगा।
–आईएएनएस
पीकेटी/एमएस
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