एक साल बाद साइबर ठगी की रकम मिली वापस, पुणे पुलिस ने अभिनेत्री भार्गवी चिरमुले की मां को लौटाए 35 हजार रुपए

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पुणे, 18 जुलाई (आईएएनएस)। साइबर अपराध के एक मामले में पुणे पुलिस ने सराहनीय कार्रवाई करते हुए मराठी फिल्म और टीवी अभिनेत्री भार्गवी चिरमुले की मां स्वाति शिरीष चिरमुले को ठगी गई पूरी राशि वापस दिला दी। करीब एक वर्ष पहले साइबर ठगों ने गैस बिल के नाम पर उनसे 35 हजार रुपए की ठगी कर ली थी। अब कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने यह पूरी रकम उन्हें लौटा दी है। जानकारी के अनुसार, 70 वर्षीय स्वाति शिरीष चिरमुले पुणे के कर्वेनगर स्थित सुदर्शन अपार्टमेंट में रहती हैं। 23 अगस्त 2025 की शाम उन्हें एमएनजी गैस कनेक्शन…

पुणे, 18 जुलाई (आईएएनएस)। साइबर अपराध के एक मामले में पुणे पुलिस ने सराहनीय कार्रवाई करते हुए मराठी फिल्म और टीवी अभिनेत्री भार्गवी चिरमुले की मां स्वाति शिरीष चिरमुले को ठगी गई पूरी राशि वापस दिला दी। करीब एक वर्ष पहले साइबर ठगों ने गैस बिल के नाम पर उनसे 35 हजार रुपए की ठगी कर ली थी। अब कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने यह पूरी रकम उन्हें लौटा दी है।

जानकारी के अनुसार, 70 वर्षीय स्वाति शिरीष चिरमुले पुणे के कर्वेनगर स्थित सुदर्शन अपार्टमेंट में रहती हैं। 23 अगस्त 2025 की शाम उन्हें एमएनजी गैस कनेक्शन के बिल से संबंधित एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले साइबर ठगों ने खुद को अधिकृत प्रतिनिधि बताकर उन्हें झांसे में लिया और कुछ ऑनलाइन प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कहा। इसके बाद उनके बैंक खाते से 35 हजार रुपए निकाल लिए गए।

ठगी का पता चलते ही स्वाति चिरमुले ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मामला वारजे मालवाड़ी पुलिस थाने को सौंपा गया, जहां साइबर टीम ने जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के निर्देशन में पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खाते की पहचान की। इसके बाद संबंधित खाते को फ्रीज कराया गया, जिससे ठगी गई राशि सुरक्षित रखी जा सकी। आगे न्यायालय की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 18 जुलाई 2026 को स्वाति शिरीष चिरमुले को उनके 35 हजार रुपए वापस सौंप दिए गए।

राशि वापस मिलने के बाद अभिनेत्री भार्गवी चिरमुले अपनी मां के साथ वारजे मालवाड़ी पुलिस थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और साइबर टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई और पुलिस के प्रयासों की वजह से उन्हें न्याय मिला है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि साइबर ठगी का शिकार होने के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराई जाए तो रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इस मामले में भी पीड़िता की त्वरित शिकायत और साइबर टीम की तकनीकी जांच के कारण राशि सुरक्षित की जा सकी और बाद में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर वापस दिलाई गई।

–आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

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