लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन विधेयक पर पक्ष और विपक्षी सांसदों के बीच जारी बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के बीच तीखी बहस देखने को मिली।दरअसल, राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर हो रही चर्चा के दौरान भाजपा के सुधांशु त्रिवेदी अपनी बात रख रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, “पहले मुस्लिम समाज के प्रतीक उस्ताद बिस्मिल्लाह खां, जारिक हुसैन, मजरूह सुल्तानपुरी, साहिर लुधियानवी, कैफी आजमी जैसे लोग थे। लेकिन आज मुस्लिम समाज का नेतृत्व मुख्तार अंसारी, इशरत जहां, याकूब मेनन, अतीक अहमद जैसे लोगों के साथ जोड़ा जाता है।”
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सुधांशु त्रिवेदी के इस भाषण के बाद विपक्षी दलों के सांसदों ने आपत्ति जताई। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा, “सुधांशु त्रिवेदी ने मुसलमानों को लेकर जो बात कही है, वह पूरी तरह से निंदनीय है।” दिग्विजय सिंह ने आगे कहा, “गुजरात में जो दंगे हुए थे, उनके जिम्मेदार कौन से लोग थे? गुजरात में जब दंगे हुए, तब अमित शाह वहां पर गृहमंत्री थे, उन्हें बताना चाहिए कि उनकी वहां पर क्या भूमिका थी?”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, “उन्हें मेरे नाम का ऐसा हौवा है कि सिर्फ मैं ही दिखाई पड़ता हूं। दंगे शुरू होने के 18 महीने बाद मैं गुजरात का गृह मंत्री बना था। जब दंगा हुआ था, तो मैं गृह मंत्री नहीं था।”
उल्लेखनीय है कि इससे पहले बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश किया गया था। करीब 12 घंटे तक चली चर्चा के बाद मतविभाजन से देर रात दो बजे विधेयक को पारित करा लिया गया है। विधेयक के पक्ष में 288 और विरोध में 232 सांसदों ने वोट दिया।


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