नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अक्षरधाम मंदिर परिसर में चार नए टूरिज्म सर्किट लॉन्च किए। इस कार्यक्रम में संबंधित मंत्रालय के विशेष अधिकारियों समेत, गणमान्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम जन नागिरक उपस्थित रहे।
‘आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सम्मेलन 2026’ के शीर्षक तले आयोजित इस कार्यक्रम को दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित किया गया। सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन के दौरान अक्षरधाम परिसर में एक विशेष ‘हेरिटेज वॉक’ का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने दिल्ली की सांस्कृतिक और स्थापत्य धरोहर से जुड़ी बारीकियों की जानकारी हासिल की।
आपको बता दें कि अक्षरधाम की दिव्य पवित्र भूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया गया। सद्गुरु ने अक्षरधाम मंदिर के दर्शन किए और मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा को सराहा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अक्षरधाम परिसर की पवित्रता और आध्यात्मिक अनुभूति में इस कार्यक्रम के लोकार्पण करते हुए खुशी जाहिर की।
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे हुआ। पर्यटन विभाग द्वारा विमोचित ये चार नए सर्किट राजधानी के प्रमुख मंदिरों, अन्य धार्मिक स्थानों के साथ-साथ उन ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों को भी आपस में जोड़ते हैं जो अभी तक पर्यटन के नक्शे में कम चर्चित रहे हैं। पर्यटन विभाग का उद्देश्य पर्यटकों को एक ही यात्रा में दिल्ली की समृद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का अनुभव कराना है। 12 अगस्त को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स को इन रूट्स की सैर कराई जाएगी। इसके बाद वीडियो, रील्स और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा किए जाएंगे।
इससे पहले फरवरी 2026 में दिल्ली सरकार ‘दिल्ली की धरोहर’, ‘दिल्ली का दिल और विरासत’, ‘दिल्ली का रहस्य’ और ‘दिल्ली देखो दिल से’ नाम से चार हेरिटेज-कल्चरल सर्किट शुरू कर चुकी है। सरकार का मानना है कि इन सर्किट के लोकप्रिय होने से स्थानीय गाइड, परिवहन संचालकों, रेस्तरां, दुकानदारों और अन्य छोटे कारोबारियों के लिए भी आर्थिक अवसर बढ़ेंगे, साथ ही पर्यटक दिल्ली में अधिक समय व्यतीत करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
गौरतलब है कि कार्यक्रम का आयोजन स्थल अक्षरधाम, दिल्ली की आध्यात्मिक और स्थापत्य विरासत का सबसे जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा ‘विश्व के सबसे बड़े व्यापक हिंदू मंदिर’ के रूप में मान्यता प्राप्त यह मंदिर, भारत की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक स्थापत्य धरोहर और उच्च आदर्शों से विश्वभर से आने वाले लोगों को परिचित करा रहा है।
दिल्ली के अक्षरधाम समेत विश्व में 1,800 से अधिक मंदिरों और आध्यात्मिक केन्द्रों का निर्माण करने वाली बीएपीएस संस्था के प्रमुख और आध्यात्मिक गुरु महंत स्वामी महाराज ने सभी के उत्कर्ष, सुस्वास्थ्य और नीतिमय जीवन के लिए प्रार्थना की। इस समग्र कार्यक्रम में अक्षरधाम के कार्यवाहक संत मुनिवत्सल स्वामी की अहम भूमिका रही।
–आईएएनएस
एसके/
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