दिल्ली पुलिस की एएचटीयू टीम ने लापता दो नाबालिग लड़कियों सहित 4 लोगों को ढूंढ निकाला

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नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की नोडल एजेंसी मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) ने विभिन्न इलाकों से दो नाबालिग लापता लड़कियों, एक दिव्यांग महिला और एक लापता लड़के का सफलतापूर्वक पता लगाकर उन्हें बरामद किया है। 16 वर्षीय नाबालिग के लापता होने की रिपोर्ट 27 नवंबर 2023 को नरेला औद्योगिक क्षेत्र, दिल्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। एएचटीयू टीम ने पीड़ित के माता-पिता से जानकारी एकत्र की और स्थानीय जांच कराई तथा तकनीकी निगरानी स्थापित की गई। तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर किए गए प्रयासों के आधार पर टीम ने पीड़ित को दिल्ली के बावाना…

नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की नोडल एजेंसी मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) ने विभिन्न इलाकों से दो नाबालिग लापता लड़कियों, एक दिव्यांग महिला और एक लापता लड़के का सफलतापूर्वक पता लगाकर उन्हें बरामद किया है।

16 वर्षीय नाबालिग के लापता होने की रिपोर्ट 27 नवंबर 2023 को नरेला औद्योगिक क्षेत्र, दिल्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। एएचटीयू टीम ने पीड़ित के माता-पिता से जानकारी एकत्र की और स्थानीय जांच कराई तथा तकनीकी निगरानी स्थापित की गई। तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर किए गए प्रयासों के आधार पर टीम ने पीड़ित को दिल्ली के बावाना स्थित झिमर कॉलोनी क्षेत्र से ढूंढ निकाला।

जांच में पता चला कि लापता लड़की आठवीं कक्षा की पढ़ाई छोड़ चुकी है और उसकी तीन बहनें हैं। उसके पिता पेशे से ड्राइवर हैं और माता गृहिणी हैं। सुनील नाम का एक लड़का उसके चाचा के साथ काम करता था और वे दोस्त बन गए। 27 दिसंबर को वह लड़की के साथ भाग गया और उन्होंने एक मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद वे आगरा (उत्तर प्रदेश) चले गए और सुनील ने हलवाई का काम शुरू कर दिया। लगभग एक साल पहले लड़की ने एक बेटे को जन्म दिया।

वहीं, दूसरे मामले में 15 वर्षीय नाबालिग के अपहरण होने की रिपोर्ट 16 मार्च को दिल्ली के वसंत कुंज साउथ पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र से दर्ज की गई थी। एसीपी एएचटीयू सुरेश कुमार के मार्गदर्शन में टीम ने पीड़िता के माता-पिता, रिश्तेदारों और दोस्तों से जानकारी एकत्र की। जमीनी स्तर पर किए गए सत्यापन और प्रयासों के आधार पर टीम ने पीड़िता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ढूंढ निकाला। जांच में पता चला कि लापता लड़की आठवीं कक्षा की छात्रा है और वह बिहार में अपनी नानी के साथ रहती थी। उसका एक भाई है। उसके पिता राजमिस्त्री और माता मजदूरी करती हैं। घर के कामों को लेकर मां ने उसे डांटा था, जिसके बाद वह गुस्से में घर छोड़कर चली गई और उसने अपने माता-पिता को सब कुछ बता दिया। वह नई दिल्ली पहुंची और वहां से ट्रेन लेकर बिहार में अपनी नानी के घर पहुंची और लापता होने के दौरान वहीं रही।

तीसरे मामले में दिल्ली के बुराड़ी निवासी 56 वर्षीय महिला 7 मार्च 2026 से लापता थी। पीड़िता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। एएचटीयू की टीम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता के विभिन्न व्यक्तियों और पड़ोसियों से जानकारी एकत्र की। तकनीकी निगरानी और प्रत्यक्ष सूचनाओं के आधार पर पीड़िता को दिल्ली के अपना घर आश्रम में खोजा गया।

परीक्षण के दौरान पता चला कि वह मानसिक रूप से अस्थिर थी और रास्ता भटक गई थी। पुलिस ने उसे पहले मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में लावारिस हालत में पाया था। चूंकि वह कोई जानकारी देने में असमर्थ थी, इसलिए उसे अपना घर आश्रम, बुधपुर, दिल्ली ले जाया गया।

वहीं, 7 मार्च 2026 से लापता 22 वर्षीय लड़के की नेब सराय पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एएचटीयू ने तकनीकी निगरानी और मैन्युअल जानकारी के आधार पर पीड़ित को कश्मीरी गेट, दिल्ली से खोज निकाला। जांच करने पर पता चला कि उसका मोबाइल फोन खो गया था। डर के मारे वह बिना किसी को बताए घर से निकल गया। पहले वह मुंबई गया, फिर गंगटोक, सिक्किम गया और उसके बाद देहरादून चला गया। आज जब वह देहरादून से दिल्ली आ रहा था तो तकनीकी निगरानी के आधार पर उसे आईएसबीटी कश्मीरी गेट पर खोजा गया। पीड़ितों को मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारियों को सौंप दिया गया है।

–आईएएनएस

ओपी/एएस

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