दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा के लिए नोएडा पुलिस का बड़ा कदम, लॉन्च हुआ ‘ऑपरेशन अपराजेय’

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नोएडा, 9 जून (आईएएनएस)। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘ऑपरेशन अपराजेय’ की शुरुआत की है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य विशेष जरूरतों वाले बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। पुलिस के अनुसार, अभियान के पहले चरण में कमिश्नरेट क्षेत्र के 1645 स्पेशल नीड बच्चों को चिन्हित किया गया है। इन बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, देखभाल और समग्र…

नोएडा, 9 जून (आईएएनएस)। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘ऑपरेशन अपराजेय’ की शुरुआत की है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य विशेष जरूरतों वाले बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

पुलिस के अनुसार, अभियान के पहले चरण में कमिश्नरेट क्षेत्र के 1645 स्पेशल नीड बच्चों को चिन्हित किया गया है। इन बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, देखभाल और समग्र कल्याण सुनिश्चित करने के लिए महिला बीट अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रत्येक थाना क्षेत्र में स्थापित मिशन शक्ति केंद्र के माध्यम से दिव्यांग बच्चों तथा उनके अभिभावकों का रिकॉर्ड पूर्ण गोपनीयता के साथ तैयार किया जाएगा।

योजना के तहत संबंधित महिला बीट अधिकारी हर 15 दिन में बच्चों, उनके अभिभावकों और केयरटेकर से संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी लेंगी। जरूरत पड़ने पर बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और विशेषज्ञ अस्पतालों के माध्यम से चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। बच्चों को आपातकालीन सेवाओं डायल-112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।

नोएडा पुलिस बच्चों की देखभाल करने वाले केयरटेकरों का रिकॉर्ड भी तैयार करेगी और उनका नियमित चरित्र सत्यापन कराया जाएगा। साथ ही बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ी संभावित घटनाओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। पुलिस जल्द ही ‘नेबरहुड सिक्योरिटी प्लान’ भी लागू करेगी, जिसके तहत आसपास के लोगों और विभिन्न विभागों के सहयोग से सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जाएगा।

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि इस अभियान के प्रभावी संचालन के लिए महिला बीट अधिकारियों सहित पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए मैक्स हॉस्पिटल और एमिटी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों द्वारा सॉफ्ट स्किल और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि पुलिसकर्मी विशेष बच्चों की भावनाओं और जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सकें।

इस अवसर पर पुलिस कमिश्नरेट ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान भी शुरू किया। पुलिस अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ऐआई) आधारित साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में लोगों को जागरूक करेगी। इसके लिए सोशल मीडिया, बैनर, पोस्टर और वीडियो के माध्यम से व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

इसी क्रम में गौतमबुद्धनगर पुलिस ने अपने नए ट्विटर और इंस्टाग्राम हैंडल भी लॉन्च किए हैं। दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों की सहायता, शिकायत एवं परामर्श के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 8595902539 जारी किया है। इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘ऑपरेशन अपराजेय’ दिव्यांग बच्चों के लिए एक सुरक्षा कवच साबित होगा और उनके अधिकारों की रक्षा की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है।

–आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी

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