कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सख्त एहतियात के साथ रविवार को देशभर में 3,800 से अधिक केद्रों पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट) हुई। इसके बाद सोमवार को नीट आयोजित होने के एक दिन बाद संप्रग सहयोगियों ने सोमवार को संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन कर परीक्षा रद्द करने की मांग की। मानसून सत्र की शुरूआत से कुछ घंटे पहले किए गए इस प्रदर्शन में डीएमके प्रमुख रूप से सक्रिय रहा।
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डीएमके सांसद गौतम सिगमनी ने बताया कि कोविड -19 के कारण कई छात्र नीट की तैयारी अच्छे से नहीं कर सके। इसके अलावा तमिलनाडु में कई छात्र परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके। विपक्षी सदस्यों ने नीट परीक्षा को तुरंत रद्द करने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि देश में जब परिवहन और अन्य सुविधाएं पूरी तरह से बहाल हो जाएं उसके बाद फिर से परीक्षा आयोजित करानी चाहिए।


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