शादी से पहले अब दूल्हों की होगी मेडिकल जांच? डोप टेस्ट पर क्यों मचा बवाल, जानें इसमें क्या-क्या होता है चेक

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Dope test in India: शुक्रवार को सदन में ‘शून्य काल’ के दौरान, आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से अपील की कि वह एक ऐसा कानून बनाए, जिसके तहत शादी के समय पुरुषों के लिए ‘डोप टेस्ट’ और मेडिकल जांच अनिवार्य हो। इस दौरान कंग ने कहा कि आज हमारे समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के मामले बहुत तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि जब कोई नया रिश्ता बनता है, तो लड़की की बहुत ज़्यादा छानबीन की जाती है, जबकि लड़कों की उतनी जांच-पड़ताल नहीं…

Dope test in India: शुक्रवार को सदन में ‘शून्य काल’ के दौरान, आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से अपील की कि वह एक ऐसा कानून बनाए, जिसके तहत शादी के समय पुरुषों के लिए ‘डोप टेस्ट’ और मेडिकल जांच अनिवार्य हो।

इस दौरान कंग ने कहा कि आज हमारे समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के मामले बहुत तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि जब कोई नया रिश्ता बनता है, तो लड़की की बहुत ज़्यादा छानबीन की जाती है, जबकि लड़कों की उतनी जांच-पड़ताल नहीं होती। उन्होंने पाया कि लोग शादी के समय ऐसी बातों को छिपाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आगे कहा, “हमारी मांग है कि केंद्र सरकार एक ऐसा कानून ले कर आए जिसके तहत शादी के समय डोप टेस्ट और मेडिकल जांच कराना अनिवार्य हो।”

Drug Test Laws India: X पर पोस्ट साझा कर मोदी सरकार से की मांग

अपनी मांग के संबंध में, कांग ने न केवल सदन में, बल्कि X पर भी पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा- आज लोकसभा में मैंने इस देश की हर बेटी, बहन और माँ के लिए आवाज़ उठाई, जो चुपचाप तकलीफ़ सह रही हैं. तलाक के मामले बढ़ रहे हैं, घरेलू हिंसा घरों को तोड़ रही है – और यह दर्द सिर्फ़ पंजाब तक ही सीमित नहीं है, यह पूरे भारत में परिवारों को तबाह कर रहा है.

Dope Test in India: कंग ने आगे लिखा,’दोहरा रवैया अब बंद होना चाहिए’

उन्होंने लिखा कि हम दुल्हन की पढ़ाई-लिखाई, चरित्र और पृष्ठभूमि की तो पूरी जांच करते हैं, लेकिन जब दूल्हे की बात आती है तो आंखें मूंद लेते हैं. शादी के बाद नशे की लत, गंभीर बीमारियाँ और आपराधिक प्रवृत्तियाँ लोगों की ज़िंदगी बर्बाद कर रही हैं. यह दोहरा रवैया अब बंद होना चाहिए!

उन्होंने लिखा कि मैं भारत सरकार और सभी राज्य सरकारों से माग करता हूं कि तुरंत एक नया कानून लाएँ; शादी का सर्टिफिकेट जारी करने से पहले हर दूल्हे के लिए ‘डोप टेस्ट’ और ‘मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट’ अनिवार्य करें. एक छोटा सा सुधार. हमारी महिलाओं के लिए और शादी की पवित्रता के लिए एक बड़ी ढाल साबित होगी. अब और चुपचाप तकलीफ नहीं सहेंगे. अब और टूटे हुए घर नहीं देख सकते.

What is Dope Test: क्या होता है डोप टेस्ट?

What is Dope Test
What is Dope Test (Source: Social Media)

डोप टेस्ट एक साधारण जांच है जिससे यह पता लगाया जाता है कि किसी व्यक्ति ने नशे की चीजें ली हैं या नहीं। इसमें आमतौर पर पेशाब, खून, लार या बाल का सैंपल लिया जाता है। लैब में जांच करके देखा जाता है कि शरीर में ड्रग्स या शराब मौजूद है या नहीं। यह टेस्ट खेल, नौकरी या अब शादी से पहले भरोसे के लिए भी किया जाता है।

डोप टेस्ट कैसे किया जाता है?

  1. सैंपल लिया जाता है
    व्यक्ति से पेशाब, खून, लार या बाल का सैंपल लिया जाता है।
  2. लैब में जांच होती है
    सैंपल को मशीनों से टेस्ट किया जाता है, ताकि ड्रग्स या नशे के तत्व पता चल सकें।
  3. रिपोर्ट तैयार होती है
    जांच के बाद रिपोर्ट बनती है, जिसमें बताया जाता है कि नशा पाया गया है या नहीं।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।