प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘दुनिया की फार्मेसी’ से नवाचार केंद्र के रूप में उभर रहा फार्मा क्षेत्र

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नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत का फार्मा क्षेत्र “दुनिया की फार्मेसी” से आगे बढ़कर अब नवाचार के केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत का फार्मा क्षेत्र “दुनिया की फार्मेसी” से आगे बढ़कर अब नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। देश में शोध-आधारित विकास पर बढ़ते जोर को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब सस्ती दवाओं के वैश्विक आपूर्तिकर्ता से आगे बढ़कर फार्मास्यूटिकल इनोवेशन के उभरते केंद्र के रूप में परिवर्तित हो रहा है।…

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत का फार्मा क्षेत्र “दुनिया की फार्मेसी” से आगे बढ़कर अब नवाचार के केंद्र के रूप में उभर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत का फार्मा क्षेत्र “दुनिया की फार्मेसी” से आगे बढ़कर अब नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

देश में शोध-आधारित विकास पर बढ़ते जोर को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब सस्ती दवाओं के वैश्विक आपूर्तिकर्ता से आगे बढ़कर फार्मास्यूटिकल इनोवेशन के उभरते केंद्र के रूप में परिवर्तित हो रहा है।

उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा लिखे गए एक लेख को साझा करते हुए कहा कि भारत का फार्मा क्षेत्र धीरे-धीरे वैल्यू चेन में ऊपर जा रहा है, जिसमें शोध और विकास, बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स और अगली पीढ़ी की चिकित्सा पर मजबूत जोर दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “दुनिया की फार्मेसी से लेकर नवाचार के केंद्र तक, भारत का फार्मा क्षेत्र वैल्यू चेन में ऊपर जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “वर्तमान सरकार के तहत आरएंडडी, बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स और अत्याधुनिक उपचारों पर व्यापक ध्यान दिया जा रहा है।”

पीएमओ की ओर से साझा की गई पोस्ट में नड्डा के लेख को देश के फार्मा क्षेत्र की दिशा को समझने के लिए “जरूर पढ़ा जाने वाला विश्लेषण” बताया गया।

पीएमओ ने कहा, “केंद्रीय मंत्री नड्डा का यह लेख इस बात पर एक महत्वपूर्ण पुनरावलोकन है कि भारत इस क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नेतृत्व के लिए कैसे तैयार हो रहा है।”

लेख में बताया गया है कि हाल के वर्षों में नीतिगत समर्थन और सरकार के निरंतर फोकस ने इस क्षेत्र की दिशा को बदल दिया है।

इसमें कहा गया है कि भारत अब केवल जेनेरिक दवाओं के बड़े पैमाने पर उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि अब उन्नत शोध क्षमताओं और जटिल दवा विकास में भी निवेश कर रहा है।

लेख के अनुसार, सरकार ने आरएंडडी निवेश को प्रोत्साहित कर और एक ऐसा इकोसिस्टम बनाकर नवाचार-आधारित विकास को प्राथमिकता दी है, जो अत्याधुनिक उपचारों को समर्थन देता है।

इसमें बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स पर बढ़ते जोर का भी उल्लेख है, जिन्हें वैश्विक फार्मा उद्योग के अगले चरण के विकास का प्रमुख चालक माना जा रहा है।

लेख में नड्डा ने कहा, “भारत, जिसे लंबे समय से जेनेरिक दवाओं में नेतृत्व के कारण ‘दुनिया की फार्मेसी’ कहा जाता रहा है, अब पैमाने से नवाचार की ओर बढ़ने के लिए तैयार है।”

–आईएएनएस

पीएम

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