लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि यूपीकोका का प्रस्तावित विधेयक अपराध रोकने का प्रभावी उपाय है। उन्होंने विधेयक पारित कराने में विपक्ष का सहयोग मांगा। कानून व्यवस्था पर विधानसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव के नोटिस पर बोलते हुए योगी ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक से राज्य में अपराध नियंत्रण किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हम यूपीकोका विधेयक ला रहे हैं। अगर आप (विपक्ष) चाहते हैं कि माफिया समाप्त हों तो हम उम्मीद करते हैं कि आप (विधेयक पारित कराने में) सहयोग करेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में यूपीकोका से जुडे़ विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी है। यह विधेयक महाराष्ट्र में इसी तरह के कानून मकोका की तर्ज पर है। यूपीकोका का मकसद भू माफिया, खनन माफिया और संगठित अपराध पर अंकुश लगाना है।
योगी ने कहा कि सुरक्षा, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मामले में कोई शिथिलता नहीं बरती जाएगी। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के आंकडे गिनाते हुए योगी ने पूर्व की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार के समय एक साल में 31 दंगे हुए। घोर अराजकता थी और प्राथमिकी नहीं दर्ज होती थी। उन्होंने कहा कि आज कोई यह नहीं कह सकता कि भाजपा या इसके समर्थकों द्वारा अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है। विधान भवन के निकट पूर्व विधायक प्रेम प्रकाश तिवारी के बेटे की हत्या के बारे में योगी ने कहा कि मामला संपथि विवाद से जुड़ है। नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी ने हालांकि आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। चौधरी ने सथा पक्ष की ओर देखते हुए कहा, आप राम राज का वादा कर सथा में आये थे…क्या गुंडा राज ही राम राज है। बसपा के लालजी वर्मा और कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू भी कानून व्यवस्था के मुद्दे पर बोले।


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