Epstein Files controversy: लोकसभा में बजट सत्र के दौरान आज यानी 11 फरवरी को भारी हंगामा देखने को मिला। दरअसल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में ‘एपस्टीन फाइल्स’ का मुद्दा उठाया। इसके बाद देखते ही देखते सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। इस पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी के आरोपों पर कड़ा जवाब देते हुए कहा कि इस मामले में बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
Epstein Files Controversy: क्या है एपस्टीन फाइल्स का मामला?

जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी कारोबारी था, जिस पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे थे। उस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और गलत गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे। कहा जाता है कि उसके पास एक निजी द्वीप था, जहां कथित तौर पर आपत्तिजनक गतिविधियां होती थीं। इन आरोपों से जुड़ी कई फाइलें और दस्तावेज अमेरिकी जांच एजेंसियों के पास हैं, जिन्हें आमतौर पर ‘एपस्टीन फाइल्स’ कहा जाता है। इस मामले में कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने की चर्चा भी होती रही है।
Rahul Gandhi on Hardeep Puri: राहुल गांधी ने क्या कहा?

संसद के भीतर राहुल गांधी ने दावा किया कि एक बड़े भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम एपस्टीन फाइल्स में है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा है तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए पूछा कि अनिल अंबानी की मुलाकात एपस्टीन से किसने करवाई थी। सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका के न्याय विभाग के पास मौजूद दस्तावेजों में हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम बताए जा रहे हैं। उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता की मांग की।
Hardeep Puri Replied to Rahul Gandhi: हरदीप सिंह पुरी का जवाब
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उन्हें बिना आधार के आरोप लगाने की आदत है। पुरी ने स्पष्ट किया कि उनकी जेफरी एपस्टीन से मुलाकात 2009 में हुई थी, जब वे अमेरिका में भारत के राजदूत थे। यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय पीस इंस्टीट्यूट (IPI) के एक प्रतिनिधिमंडल के तहत हुई थी।
उन्होंने कहा कि इस मुलाकात से जुड़ी सारी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। लाखों ईमेल सार्वजनिक रिकॉर्ड में मौजूद हैं, जिनमें इस तरह की बैठकों का जिक्र है। पुरी ने यह भी बताया कि वे करीब आठ साल बाद मंत्री बने, इसलिए उस समय की मुलाकात का उनके मंत्री पद से कोई संबंध नहीं है।
क्यों हुई थी मुलाकात?
हरदीप पुरी के अनुसार, नवंबर 2014 में वे एक निजी नागरिक के रूप में भी कुछ लोगों से मिले थे। उन्होंने कहा कि एपस्टीन के संपर्क में रहे एक व्यक्ति ने उनकी मुलाकात लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन से करवाई थी। यह मुलाकात अमेरिका के वेस्ट कोस्ट में हुई थी।
पुरी ने बताया कि उस समय भारत में निवेश और विकास के अवसरों पर चर्चा की गई थी। उन्होंने अपने ईमेल में लिखा था कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और निवेश के लिए अच्छा मौका है। उनका कहना है कि यह एक सामान्य औपचारिक मुलाकात थी, जिसका किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं था।
राजनीति में तेज हुई बयानबाजी
इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार इसे बेबुनियाद आरोप बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सियासी मंचों पर और चर्चा का विषय बना रह सकता है।
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