Piragarhi Triple Murder Case: दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में बीते दिन एक कार के अंदर तीन लोगों की लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी। शुरुआत में मामला रहस्यमय लगा, लेकिन पुलिस जांच में यह साफ हो गया कि यह हादसा नहीं, बल्कि पहले से रची गई हत्या की साजिश थी। एक स्वयंभू तांत्रिक ने “धनवर्षा” का झांसा देकर तीनों को अपने जाल में फंसाया और जहरीले लड्डू खिलाकर उनकी जान ले ली।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 8 फरवरी 2026 की सुबह पीरागढ़ी में एक सफेद टाटा टिगोर कार में तीन लोग बेसुध हालत में मिले। PCR कॉल के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। एक बुजुर्ग ड्राइविंग सीट पर थे, एक व्यक्ति को स्थानीय लोग बाहर निकाल चुके थे और एक महिला कार के अंदर पड़ी थी। तीनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पहली नजर में मामला संदिग्ध लगा।

Piragarhi Triple Murder Case: मृतकों की पहचान
जांच में मृतकों की पहचान 76 वर्षीय रणधीर, 42 वर्षीय शिव नरेश और 40 वर्षीय लक्ष्मी के रूप में हुई। रणधीर बापरोला गांव के निवासी थे, शिव नरेश प्रॉपर्टी का काम करते थे और लक्ष्मी जहांगीरपुरी में रहती थीं। तीनों एक साथ कार में क्यों थे और उनकी मौत कैसे हुई, यही सबसे बड़ा सवाल था। परिवार ने साफ कहा कि यह आत्महत्या नहीं हो सकती।
Delhi Piragarhi Triple Murder Case Update: कार से मिले अहम सुराग

पुलिस ने कार की तलाशी ली तो शराब की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक, गिलास, मोबाइल फोन, नकदी और दस्तावेज मिले। ऐसा लग रहा था कि कार में बैठकर कुछ खाया-पीया गया था। लेकिन सवाल था कि आखिर मौत की वजह क्या थी? क्या पेय पदार्थों में कुछ मिलाया गया था या मामला कुछ और था?
Police Solve Piragarhi Murder Case: जांच में सामने आया तांत्रिक का नाम
तकनीकी जांच, कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैकिंग से पता चला कि तीनों घटना से पहले गाजियाबाद के लोनी इलाके गए थे। वहां वे कमरुद्दीन उर्फ बाबा नाम के एक तांत्रिक से मिले थे। यहीं से पुलिस की जांच नई दिशा में मुड़ी।
‘धनवर्षा’ का लालच
कमरुद्दीन लोगों को चमत्कार के नाम पर पैसा दोगुना-तीन गुना करने का झांसा देता था। लक्ष्मी सबसे पहले उससे मिली थीं। धीरे-धीरे उसने विश्वास जीत लिया और “धनवर्षा” की बात कहकर 2 लाख रुपये लाने को कहा। लक्ष्मी ने यह बात शिव नरेश और रणधीर को बताई। तीनों ने मिलकर पैसे लगाने का फैसला किया।
जहरीले लड्डू से ली जान
8 फरवरी को तीनों 2 लाख रुपये लेकर लोनी पहुंचे। पूजा के नाम पर कमरुद्दीन ने पहले से तैयार लड्डुओं में जहर मिला रखा था। उसने रास्ते में शराब और कोल्ड ड्रिंक के साथ वे लड्डू खिलाए। वापसी के दौरान कार में एक चौथा व्यक्ति भी मौजूद था, जिसकी पुष्टि तकनीकी सबूतों से हुई। वह कमरुद्दीन ही था। जैसे ही तीनों की तबीयत बिगड़ी, वह कार से उतरकर फरार हो गया और पैसे लेकर भाग निकला।
आरोपी की गिरफ्तारी और खुलासा
पुलिस ने जांच के आधार पर कमरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसके खिलाफ पहले भी हत्या और अन्य गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं। इस बार तकनीकी साक्ष्यों ने उसे बचने का मौका नहीं दिया।
पुलिस के अनुसार यह पूरी तरह सोची-समझी साजिश थी। लालच और अंधविश्वास ने तीन लोगों की जान ले ली। अगर परिवार ने आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल न उठाया होता, तो मामला उलझ सकता था। यह घटना लोगों को सचेत करती है कि झूठे चमत्कार और लालच के जाल में फंसना कितना खतरनाक हो सकता है।
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