UP Budget 2026–27: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन यानी 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹9,12,696.35 करोड़ का बजट पेश किया। इसे राज्य के इतिहास के सबसे बड़े बजटों में से एक माना जा रहा है। सरोजनीनगर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस बजट को राज्य के संतुलित, समावेशी और टिकाऊ विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।
UP Budget 2026–27: विकास की स्पष्ट दिशा
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि यह बजट केवल खर्च और आय का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य की ठोस योजना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और वित्त मंत्री के मार्गदर्शन में पेश किया गया यह बजट राज्य में स्थिर और निरंतर नीति-निर्माण को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक ही मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रस्तुत यह 10वां बजट प्रशासनिक स्थिरता का प्रमाण है।
बजट का आकार और आर्थिक मजबूती
वित्तीय वर्ष 2026–27 का कुल बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि बताती है कि राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और सरकार विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाना चाहती है।
नई योजनाओं पर विशेष ध्यान
इस बजट में ₹43,565 करोड़ से अधिक की राशि नई योजनाओं के लिए रखी गई है। इससे साफ है कि सरकार नई पहल और जनहितकारी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। इन योजनाओं से समाज के विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार
₹2 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान बुनियादी ढांचे के विकास और आर्थिक मजबूती के लिए किया गया है। सड़कों, पुलों, परिवहन, औद्योगिक क्षेत्रों और अन्य परियोजनाओं में निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कुल बजट का 19.5 प्रतिशत पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किया गया है, जो लंबे समय तक उपयोगी संपत्तियों के निर्माण पर केंद्रित है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस
मानव संसाधन को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा क्षेत्र को 12.4 प्रतिशत और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र को 6 प्रतिशत बजट दिया गया है। इससे स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से राज्य का समग्र विकास हो।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल
कृषि और संबंधित क्षेत्रों के लिए 9 प्रतिशत बजट निर्धारित किया गया है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, नई तकनीकों को अपनाने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है।
वित्तीय अनुशासन और घाटा नियंत्रण
डॉ. सिंह ने बताया कि 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्य ने राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत तय की है, जो वर्ष 2030–31 तक लागू रहेगी। सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और कर्ज को नियंत्रित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले की तुलना में ऋण-जीएसडीपी अनुपात में कमी लाना भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
समावेशी विकास की सोच
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि यह बजट युवाओं, किसानों, महिलाओं, गरीबों और उद्यमियों के लिए अवसरों के द्वार खोलता है। इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर जोर देकर उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट राज्य के विकास, आत्मनिर्भरता और सुशासन की मजबूत नींव साबित होगा।























