किसानों के संगठन ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के चलते बीते कई दिनों से कुछ प्रमुख सड़कें बंद होने से लोगों को हो रही असुविधा के लिये सोमवार को ”हाथ जोड़कर” माफी मांगी और कहा कि उन्हें ”मजबूरी में” प्रदर्शन करना पड़ रहा है। दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी ओर से खेद प्रकट करने के लिये हरियाणा-राजस्थान सीमा के निकट जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर यात्रियों को हिंदी में लिखे पर्चे बांटे।
साथ ही उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी अमलीजामा पहनाने की अपनी मांग भी दोहराई। संयुक्त किसान मोर्चा के पर्चों पर लिखा था, ”सड़कें बंद कर लोगों को परेशान करना हमारा मकसद नहीं है। हम मजबूरी के तहत यहां बैठें हैं। अगर हमारे आंदोलन से आपको असुविधा हुई हो तो हम उसके लिये हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं।” किसान, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा के किसान बीते करीब तीन हफ्तों से दिल्ली के सिंघू, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर डटे हुए हैं, जिससे राष्ट्रीय राजधानी को हरियाणा और पंजाब से जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर जाम की समस्या खड़ी हो गई है।


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