किसानों के कंधो पर सियासत की कोशिश, BJP बोली-क्या उपद्रवी राहुल के अपने हैं?

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कृषि कानून को लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया। उनके इस हमले पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कृषि कानून को लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया। उनके इस हमले पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। इसके साथ ही पार्टी ने राहुल से सवाल किया कि क्या उपद्रवी राहुल के अपने हैं? 
बीजेपी के वरिष्ठ प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर किसान के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल ने किसानों के माध्यम से लोगों को भड़काने का काम किया है। पात्रा ने कहा, राहुल गांधी जी ने धमकाया कि कोई पीछे नहीं हटेगा, बातचीत में हम विश्वास नहीं रखते हैं। राहुल जी ये तो किसानों का आंदोलन हैं और किसानों ने कहा है कि उनका किसी राजनीतिक पार्टी से कोई सरोकार नहीं है। फिर आप उनके पैरोकार क्यों बन रहे हैं?

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उन्होंने कहा, देश में ऐसी कोई संस्था नहीं है जो 26 जनवरी के अराजकतावादियों और दंगाइयों के साथ खड़ी हो। क्या ये लोग राहुल गांधी से जुड़े हैं, कि वह उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं? क्या उपद्रवी राहुल गांधी के अपने हैं? कांग्रेस पर हमला करते हुए संबित पात्रा ने कहा, 1998 में, मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने राज्य में एक किसान रैली में अनियंत्रित गोलियां चलाई थीं। लोकतंत्र की मौत में 28 किसान वहां मारे गए थे। आज राहुल गांधी हमसे सवाल करना चाह रहे हैं? किस आधार पर?
कल पंजाब कांग्रेस ने ऐलान किया कि 122 लोग जो 26 जनवरी को हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार हुए हैं, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। उन्हें कांग्रेस लीगल ऐड देगी। 26 जनवरी को लाल किला पर हुई घटना में उपद्रव हुआ था तो, राहुल गांधी समेत तमाम कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि ये बीजेपी के कार्यकर्ता हैं। जब ये हुड़दंगी गिरफ्तार हो रहे हैं, तो आप कह रहे हैं कि इनको रिहा कर दीजिए। आपको क्यों इतनी पीड़ा हो रही है, इसका अर्थ है कि ये आप ही के लोग थे।
दरअसल, राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार से पूछा कि हमारे लिये कड़ी मेहनत करने वाले किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं, दिल्ली को ‘किले’ में क्यों तब्दील किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे का समाधान जल्द से जल्द किये जाने की जरूरत, सरकार को उनकी बात सुनने की जरूरत है।

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