कोलकाता, 3 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में संकट गहराता नजर आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, कोलकाता के मेयर और टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जताई है और इसके लिए पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी से अनुमति मांगी है।
बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने उनके अनुरोध को मंजूरी भी दे दी है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब टीएमसी अपने राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक संकटों में से एक का सामना कर रही है। पार्टी के भीतर बड़ी संख्या में विधायक खुलकर निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में आ गए हैं और मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।
फिरहाद हकीम, जिन्हें ममता बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता है और जो पार्टी के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हैं, हाल के दिनों में राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहे हैं। इसकी बड़ी वजह उनका मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा नबन्ना में आयोजित प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल होना रहा, जिसने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दिया।
इस बीच टीएमसी के भीतर बगावत भी खुलकर सामने आ गई है। ताजा जानकारी के अनुसार, 80 में से 58 विधायकों के एक समूह ने बुधवार को औपचारिक रूप से ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा दल के नए नेता के रूप में समर्थन देने का फैसला किया है।
फिरहाद हकीम के इस्तीफे की खबर और टीएमसी विधायकों के इस कदम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह संकट ज्यादा गहराता है तो राज्य की सियासत में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें ममता बनर्जी और टीएमसी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
–आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



