केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद कश्मीर घाटी में जारी तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर आज से चीन की तीन दिन की यात्रा पर जायेंगे। चीन और पाकिस्तान के मजबूत संबंध होने के मद्देनजर विदेश मंत्री के दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जयशंकर चीन के दौरे पर ऐसे वक्त में जा रहे है जब कुछ समय पहले चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुयिंग ने धारा 370 हटाये जाने पर तल्क टिपण्णी करते हुए कहा था कि चीन कश्मीर की वर्तमान स्थिति को गंभीरता से ले रहा है।
चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा बयान दिए जाने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जवाव देते हुए कहा था कि भारत किसी भी देश के आंतरिक मामले को लेकर टिप्पणी नहीं करता है और अन्य देशों से भी ऐसी ही अपेक्षा रखता है।
आपको बता दें कि भारत सरकार में नए विदेश मंत्री बने डॉ. जयशंकर की चीन की यह पहली यात्रा होगी। गौरतलब है कि वह इससे पहले 1 जून 2009 से 1 दिसंबर 2013 तक चीन में भारतीय राजदूत के रूप में कार्य कर चुके हैं।
बता दें कि जयशंकर वर्ष 1977 में भारतीय विदेश सेवा में अपनी सेवा देनी शुरू की थी। वह चीन, अमेरिका और चेक गणराज्य में भारतीय राजदूत और सिंगापुर में उच्चायुक्त के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। भारत-चीन उच्चस्तरीय बैठक में डॉ. जयशंकर भारत की सह अध्यक्षता व चीन के विदेश मंत्री वांग यी चीन की सह अध्यक्षता करेंगे।


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